दीपावली से छठ तक ताश-सट्टे का जाल बिछा, परंपरा की आड़ में फल-फूल रहा अवैध जुआ ,कानून और प्रशासनिक सख्ती पर उठे सवाल,चुनिंदा जगहों पर शहर से लेकर गांव तक होता हें खेल ,एक नंबरी लॉटरी की बल्ले बल्ले।
दीपावली से छठ तक ताश-सट्टे का जाल बिछा, परंपरा की आड़ में फल-फूल रहा अवैध जुआ ,कानून और प्रशासनिक सख्ती पर उठे सवाल,चुनिंदा जगहों पर शहर से लेकर गांव तक…
Continue reading