बिरौल अनुमंडल में कलश विसर्जन के साथ विजयादशमी का भव्य समापन, मां दुर्गा को दी गई भावभीनी विदाई

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

बिरौल अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पंडालों में स्थापित किए गए कलश बुधवार को विसर्जन करने के साथ दस दिवसीय विजयादशमी पर्व शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। हालांकि स्थायी को छोड़कर मां दुर्गा के प्रतिमाओं को जल में प्रवाहित होना शेष रह गया है। जिसे श्रद्धालुओं के अंतिम दर्शन के लिए फिलहाल रखा गया है। इस अवसर पर अनुमंडल क्षेत्र के प्रमुख दुर्गा मंदिरों एवं पूजा पंडालों में मां दुर्गा के अंतिम दर्शन के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ मां भगवती को सिंदूर अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और दीर्घायु की कामना की।
पूजा की पूर्णाहुति के बाद आचार्यों और पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं को नवरात्रि की विशेष जयंती (जौ के अंकुर) देकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस दौरान सामाजिक सौहार्द और स्नेह का अनूठा दृश्य देखने को मिला। बड़ों ने अपने से छोटों को जयंती व तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया और मुंह मीठा कराया। छोटों ने श्रद्धाभाव से बड़ों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। लोगों ने एक-दूसरे को विजयादशमी की बधाई दी और गले मिलकर प्रेम का संदेश दिया। शास्त्रोक्त विधि के अनुसार, कलश स्थापना वाले घरों एवं पूजा स्थलों पर कलश विसर्जन के उपरांत ब्राह्मणों को भोजन कराया गया और दक्षिणा देकर विदा किया गया। विसर्जन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने नम आंखों से “मां दुर्गा अपने मायके से फिर विदा हुईं” के भाव के साथ अगले वर्ष पुन: आगमन की प्रार्थना की। पूरे अनुमंडल क्षेत्र में उत्सव का यह माहौल सौहार्द, परंपरा और अटूट आस्था की मिसाल बना रहा।