मेला देखने गई 18 वर्षीय युवती को अगवा कर दुष्कर्म, मुख्य आरोपी समेत अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज,एक विधि विरुद्ध बालक को निरूद्ध किया गया
मेला देखने गई 18 वर्षीय युवती को अगवा कर दुष्कर्म, मुख्य आरोपी समेत अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज,एक विधि विरुद्ध बालक को निरूद्ध किया गया
मेला देखने गई 18 वर्षीय युवती को अगवा कर दुष्कर्म, मुख्य आरोपी समेत अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज,एक विधि विरुद्ध बालक को निरूद्ध किया गया
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
दशहरा मेला देखने गई एक 18 वर्षीय युवती का अपहरण कर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र स्थित शिवनगरघाट मेले की है। इस संबंध में घनश्यामपुर निवासी पीड़िता की मां ने बिरौल थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में पीड़िता की मां ने बताया कि दिनांक 19 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 10 बजे वह अपने परिजनों और 18 वर्षीय पुत्री के साथ शिवनगरघाट मेला देखने आई थीं। मेले में अत्यधिक भीड़ होने के कारण युवती अचानक पीछे छूट गई और गायब हो गई। परिजनों ने काफी खोजबीन की और मेला आयोजकों से 200 रुपये देकर पूजा समिति के लाउडस्पीकर से मायकिंग/एलाउंसमेंट भी कराई, लेकिन युवती का कोई पता नहीं चला। रात भर खोजबीन के बाद अगले दिन, दिनांक 20 अक्टूबर 2026 की सुबह लगभग 6 बजे, पीड़िता ने एक अज्ञात मोबाइल नंबर (7061013682) से अपनी मां के मोबाइल नंबर (9153679107) पर कॉल किया। पीड़िता ने रोते हुए बताया कि उसे जबरन पकड़कर नेउरी गांव ले जाया गया है और उसके साथ दुष्कर्म किया गया है। इतना कहते ही फोन कट गया।सूचना मिलते ही परिजन जब नेउरी गांव पहुंचे और पड़ताल की, तो दोपहर करीब 11 बजे पता चला कि ग्राम नेउरी (थाना बिरौल) निवासी सहित अपने दो अज्ञात साथियों के साथ युवती को मेले से जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने घर ले गया था। आरोपी ने रातभर युवती के साथ जबरन दुष्कर्म किया।
इसके बाद सुबह आरोपी के माता-पिता ने युवती को शिवनगरघाट लाकर छोड़ दिया, जिसके बाद एक टेम्पो चालक ने उसे सुरक्षित घर पहुंचाया। घर लौटने पर पीड़िता ने अपने साथ हुई पूरी आपबीती परिजनों को सुनाई। थानाध्यक्ष चन्द्र मणि ने बताया कि पीड़िता की मां की लिखित शिकायत के आधार पर बिरौल थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारी मुन्नी कुमारी को इस कांड का अनुसंधान अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस दौरान एक विधि विरुद्ध बालक को निरूद्ध किया गया।
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