सुरेंद्र ठाकुर हत्याकांड की गुत्थी उलझी, जमीन विवाद से लेकर घर के अंदर की भूमिका तक की जांच सिर के जख्म, बरामद गोली और परिजनों के बयानों में विरोधाभास से बढ़ा पुलिस का संदेह
सुरेंद्र ठाकुर हत्याकांड की गुत्थी उलझी, जमीन विवाद से लेकर घर के अंदर की भूमिका तक की जांच सिर के जख्म, बरामद गोली और परिजनों के बयानों में विरोधाभास से बढ़ा पुलिस का संदेह
सुरेंद्र ठाकुर हत्याकांड की गुत्थी उलझी, जमीन विवाद से लेकर घर के अंदर की भूमिका तक की जांच
सिर के जख्म, बरामद गोली और परिजनों के बयानों में विरोधाभास से बढ़ा पुलिस का संदेह
संवाददाता, हनुमाननगर (दरभंगा)।
विशनपुर थाना क्षेत्र के रुपौली गांव में 65 वर्षीय सुरेंद्र ठाकुर की हत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। पुलिस जमीन विवाद को हत्या की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है, लेकिन घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिजनों के बयानों में कथित विरोधाभास ने अनुसंधान की दिशा को कई सवालों के बीच खड़ा कर दिया है। हत्या के पीछे लंबे समय से चला आ रहा भूमि विवाद है, प्रेम प्रसंग से जुड़ा कोई मामला या फिर कोई अन्य साजिश ,इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस गहराई से पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान सबसे अहम सवाल यह भी उठ रहा है कि सुरेंद्र ठाकुर की मौत वास्तव में गोली लगने से हुई या सिर पर किसी अन्य नुकीले हथियार से वार कर बाद में घटना को गोली मारकर हत्या का रूप देने की कोशिश की गई। हालांकि, इस आशंका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की जांच और घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहती है।
परिजनों के बयान में विरोधाभास, कई बिंदुओं पर जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल के निरीक्षण, शव की स्थिति और प्रारंभिक जांच में सामने आए कुछ तथ्यों ने मामले को संदिग्ध बना दिया है। मृतक के साथ घर में उनकी पुत्री और छोटे भाई की पत्नी रहती थीं। घटना को लेकर दोनों महिलाओं के बयानों में कथित विरोधाभास सामने आने के बाद पुलिस ने उनके बयानों की अलग-अलग परिस्थितियों में जांच शुरू की है। हालांकि, अब तक किसी परिजन की संलिप्तता प्रमाणित नहीं हुई है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना की रात घर में क्या हुआ था, मृतक के सिर पर किस प्रकार का जख्म था और घटनास्थल से बरामद साक्ष्य हत्या के संभावित तरीके के बारे में क्या संकेत देते हैं। मृतक के सिर पर जख्म के निशान, बरामद गोली पर रक्त और बारूद के निशान नहीं मिलने की बात तथा मृतक द्वारा उल्टी किए जाने से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है। इन परिस्थितियों की वास्तविक वजह स्पष्ट होने के बाद ही घटना की कड़ियां जुड़ने की उम्मीद है।
पुत्र ने आठ नामजद और दस अज्ञात लोगों पर लगाया हत्या का आरोप
मृतक के पुत्र कुंदन कुमार ने इस मामले में भूमि विवाद को हत्या की वजह बताते हुए आठ नामजद और दस अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस को आवेदन दिया है। इसी आधार पर विशनपुर थाना कांड संख्या 174/26 दर्ज किया गया है। पुत्र के आरोपों के अनुसार, परिवार का करीब 24 वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था और इस सिलसिले में पुराने मुकदमे भी रहे हैं। आरोप है कि विवाद के कारण धमकियां भी मिलती थीं। पुलिस इन आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है।
रात में सुनाई दी थी पटाखे जैसी आवाज
प्राथमिकी में दिए गए विवरण के मुताबिक, 16 और 17 अक्टूबर की दरम्यानी रात सुरेंद्र ठाकुर अपने दरवाजे पर सो रहे थे। रात करीब दो बजे पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी। अगली सुबह उनकी पुत्री राखी कुमारी उन्हें जगाने पहुंची तो वह खून से लथपथ मिले। उनके सिर में गोली लगने की बात सामने आई। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई और जांच शुरू हुई।
पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पुलिस भूमि विवाद समेत हत्या के अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चोट की प्रकृति और मृत्यु के कारण को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं, एफएसएल रिपोर्ट से बरामद साक्ष्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
इस संबंध में विशनपुर थानाध्यक्ष सह अनुसंधानक अरविंद कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद मामले के उद्भेदन में मदद मिलेगी। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल हत्याकांड में किसी की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के सामने चुनौती है कि आरोपों, बयानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के बीच तालमेल स्थापित कर वास्तविक घटनाक्रम का पता लगाया जाए तथा दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
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