कुशेश्वरस्थान/

प्रखंड प्रशासन की थोड़ी सी लापरवाही के कारण कई लोंगों की जान ले सकती हैं।कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के कई गांव ऐसे हैं ,जहां से कोशी और कमला नदी गुजरती हैं।

इन नदियों के किनारे घाट तो बना दिये गये हैं लेकिन पानी के कटाव के कारण भूतल से मट्टी का कटाव हैं ,कहीं ऐसा नहीं हो कि यहां घाट धंस जाय। प्रखंड प्रशासन को ऐसे मे लापरवाही के बजाय सजग रहने की जरूरत हैं ताकि कोई अप्रिय घटना नहीं हो।

कोसी नदी के खतरनाक घाटों पर इस बार हजारो छठ व्रती सूर्य को अर्ध्य देने जा रहें हैं। इस दौरान प्रखंड प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के उसड़ी, उजुआ सिमरटोका, तिलकेश्वर और इटहर पंचायत के कई गांवों के बगल से कोसी एवं कमला बलान नदी गुजरती है। जहाँ लगातार हो रहे जलस्तर में कमी से बड़े पैमाने पर कटाव हो रही है।

लगातार हो रहे कटाव से नदियां काफी खतरनाक हो चुकी है। थोड़ी सी भूल से यहां लोगो की जान जा सकती है। छठ घाटों पर जानें के लिये महज कुछ घंटे शेष है।लेकिन कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के प्रशासन की ओर से किसी तरह बेरिकेडिंग की व्यवस्था नही की गई है। अंचल प्रशासन के कान में जूं तक नही रेंग रहा है।

उजुआ, कोला, कुंज भवन, कोनिया सहित दर्जनों गांव के लोग कोसी नदी की धारा में भगवान सूर्य को अर्ध्य देते है। कमाल की बात यह है कि कुशेश्वरस्थान पूर्वी के सीओ किसी का फ़ोन उठाना भी उचित नही समझते है।ऐसे मे कोई बड़ी घटना घटती हैं तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ?