राष्ट्रीय केंसर जागरूकता दिवस पर स्वामी विवेकानंद केंसर अस्पताल एवं मल्टी स्पेशलिटी मे स्वास्थय जागरूकता शिविर का आयोजन संपन्न ,दिये गये कई टिप्स।
दरभंगा /संजय कुमार राय
दरभंगा जिला के मब्बी ओपी स्थित एन एच 57के बगल विवेकानंद नगर मे स्वामी विवेकानंद केंसर अस्पताल एवं मल्टी स्पेशलिटी सेंटर मे राष्ट्रीय केंसर जागरूकता दिवस पर एक कार्यक्रम समेत स्वास्थय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का उदघाटन भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमेन समेत अन्य चिकित्सकों द्वारा दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया।
इस दौरान वॉइस चेयरमेन डॉ॰ बीवी शाही प्रख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ॰ आर बी खेतान ,स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ॰ अलका द्विवेदी ,रेडिएशन ओकोलोजिस्ट डॉ॰ अपराजित मौजूद थे। उदघाटन के बाद ही चिकित्सकों ने सभी बिमारियों के लिये अपने अपने तरीकों से मरीजों को परामर्श दिया।
शुगर से पीड़ित मरीजों के लिये ब्लड शुगर ,हाईपरटटेंसीव मरीजों के लिये बीपी ,लिपिड प्रोफाइल ,एनीमिया के लिये सीवीसी ,हृदय रोगियों के लिये ईसीजी ,गिल्टी -गांठ के लिये FNAC तथा महिलाओं मे बच्चेदानी के रोग की जांच के लिये PAP smear इत्यादि मुफ्त जांच की सुविधा एवं प्रमाणित रोगों के लिये मुफ्त मे दवाई उपलब्ध करायी गई।

जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुये संस्थान के संस्थापक डॉ॰ अशोक कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2022तक भारत मे केंसर के मामलों की संख्या 14लाख 61हजार 427थी जिसका क्रूड रेट 100.4प्रति एक लाख पर पाई गई थी।
उन्होंने कहा कि भारत मे प्रति व्यक्ति नो मे से एक व्यक्ति पर केंसर होने की संभावना प्रबल रहती हैं। खासकर पुरुषों मे फेफड़ा और महिलाओं मे स्तन केंसर के स्थान प्रमुख हैं। वहीं 14वर्ष के बच्चों के केंसर होने मे लिम्फोइड ल्यूकेमिया का स्थान अग्रणी हैं।
उन्होंने कहा कि 2020 की तुलना मे 2025तक 12.8%कि वृद्धि केंसर के मामलों मे हो सकती हैं इसका अनुमान लगाया जा रहा हैं। डॉ॰ सिंह ने उपस्थित लोंगों से कहते हुये भारत सरकार से आग्रह किया हैं कि आयुष्मान भारत कार्ड द्वारा एक वर्ष मे 5लाख रुपये तक सरकार द्वारा चिकित्सा मद मे राशि उपलब्ध करायी जानें की बात कहीं ।
इस कार्यक्रम मे हिस्सा लेने के लिये शिविर मे लोंगों की भीड़ उमर पड़ी। वहां मौजूद लोंगों ने कहा कि मिथिला मे इस केंसर अस्पताल के होने से दूर दराज के लोग लाभान्वित होते हैं।
शिविर मे आयें रोगियों को डॉ॰ मित्रा ,डॉ॰ अमरेन्द्र नारायण खड़गा ,एवं डॉ॰ मिथिलेश ने परामर्श दिया।
