आई जी कार्यालय के कर्मियों मे हैं खोंट,वरीयता क्रमांक के सूची मे नाम रहने के बाद भी नहीं मिला उच्चतर प्रभार ,सवालों के घेरे मे हैं कार्यालय के कर्मी ?
आई जी कार्यालय के कर्मियों मे हैं खोंट,वरीयता क्रमांक के सूची मे नाम रहने के बाद भी नहीं मिला उच्चतर प्रभार ,सवालों के घेरे मे हैं कार्यालय के कर्मी ?
आई जी कार्यालय के कर्मियों मे हैं खोंट,वरीयता क्रमांक के सूची मे नाम रहने के बाद भी नहीं मिला उच्चतर प्रभार ,सवालों के घेरे मे हैं कार्यालय के कर्मी ?
दरभंगा ,संजय कुमार राय
मिथिला क्षेत्र के आईजी कार्यालय के कुछ कर्मियों द्वारा जानबूझकर की गई गलती के कारण एसआई नीलम कुमारी पुलिस निरीक्षक के कार्यकारी प्रभाव से वंचित रह गई । यह मामला गंभीर हैं ?आईजी कार्यालय के कर्मी अगर ऐसा भेदभाव करेंगे तो पूरा व्यवस्था ही तहस -नहस हो जाएगी ,ऐसे मे यह जांच का विषय बनता हैं कि आखिर आईजी कार्यालय मे ऐसे कौन कौन से कर्मी हैं या भेद भाव रखते हैं।इस मामले मे दोषी कर्मियों पर कारवाई होनी चाहिये। बताया तो यह भी जा रहा हैं कि अवैध लेन देंन के कारण जानबूझकर यह गलती आईजी कार्यालय के कर्मियों ने की हैं।
पटना स्थित पुलिस मुख्यालय के कार्मिक विभाग के डीआईजी के आदेश को मिथिला क्षेत्र के आईजी कार्यालय के कर्मियों के जानबूझकर गलती के कारण 2009बैच के सब इंस्पेक्टर नीलम कुमारी पुलिस निरीक्षक पद के प्रभार से वंचित रह गई ,अगर ऐसा नहीं हैं तो एसआई नीलम से कम रेंक लाने वाले पुअनि को प्रोन्नति कैसे मिल गई।
पुलिस मुख्यालय मे प्रोन्नति से संबंधित सभी कागजात तो इसी कार्यालय से भेजे गये हैं। दरअसल पुलिस मुख्यालय के कई आदेश को आईजी कार्यालय द्वारा अनदेखी पहले भी की जा चुकी हैं। ऐसे मे सवाल उठना लाजमी हैं।
इस मामले को दस्तक7 ने 28 अक्टूबर को प्रमुखता से खबर छापी तो पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीरता से लेते हुये मिथिला क्षेत्र के आईजी को दूरभाष पर अवगत कराया। सेवानिवृत होने से एक दिन पहले इस आलोक मे आईजी ने 30अक्टूबर को पुलिस उप महानिरीक्षक (कार्मिक )को पत्र लिखते हुये कहा कि पुलिस निरीक्षक के पद पर कार्यकारी प्रभाव से पुलिस अवर निरीक्षक नीलम कुमारी वंचित रह गई हैं। उन्होंने यह भी पत्र मे लिखा कि पुअनि नीलम के आवेदन ,मूल मे संलग्न कर अग्रेतर कारवाई हेतु आपको भेजा जा रहा हैं।
दरभंगा जिला के 2009बेच के सीधी भर्ती पुअनि नीलम को कार्यकारी प्रभार से विभाग ने वंचित कर दिया जब्कि उनसे कम रेंक पाने वाले पुअनि को विभाग ने प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर बना दिया। इसे लेकर पूरे महकमे मे चर्चा हैं।
दरभंगा जिला मे पदस्थापित पुअनि नीलम कुमारी की भर्ती पुलिस विभाग मे 18/2/2009को हुई। इन पर ना ही कभी कोई विभागीय कारवाई हुई और ना ही इनके विरुद्ध कोई मामला हैं। ऐसे मे इनकी प्रोन्नति का नहीं होना कई सवाल खड़ा करता हैं। बताया जाता हैं कि आईजी कार्यालय से इनसे सभी संबंधित कागजात पुलिस मुख्यालय को ससमय नहीं भेजा गया जिस कारण पहले चरण मे इनको उच्चतर प्रभार नहीं मिला जब्कि इनसे नो साल जूनियर 2018बैच के कई पुलिस अधिकारियों को उच्चतर प्रभार यानि इंस्पेक्टर मे प्रमोशन दे दिया गया। जब्कि पुलिस अवर निरीक्षको की सूची मे एसआई नीलम का वरीयता क्रमांक 9805हैं। जब्कि राज्य वरीयता सूची मे भाग 4अंश क से संबंधित सूची मे क्रम संख्या 9879 A,9937 A एवं 9962 Aके पुलिस अवर निरीक्षकों का पुनि के पद पर प्रभार दे दिया गया। जब्कि नीलम कुमारी का इन सबो से पहले वरीयता क्रमांक (9805)हैं लेकिन उन्हें इस प्रोन्नति से उन्हें वंचित कर दिया गया ।
यहां बता देना जरूरी हैं कि करीब 15वर्षों बाद पुलिस महकमे मे सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक के पुलिस कर्मियों /पदाधिकारियो का उच्चतर प्रभार देने की प्रक्रिया हुई ,इसके बावजूद 2009बैच के पुअनि को उच्चतर प्रभार नहीं मिलना अपने आप मे बड़ा प्रश्न हैं जब्कि वे पूरी दक्षता रखते हैं और कोई भी विभागीय कार्यवाई भी इनपर नहीं हैं। इनके वरीयता क्रमांक से जो बहूत ज्यादा आगे हैं उनको उच्चतर प्रभार बिहार पुलिस मुख्यालय पटना ने दिया हैं। सवाल यही हैं कि आखिर आईजी कार्यालय के किन कर्मियों ने पुअनि नीलम कुमारी का फ़ाइल दबाकर रख दिया ?मामला जो भी हो लेकिन एक सच्चे और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस पदाधिकारी के साथ ऐसा किया जाना कतई न्याय संगत नहीं हैं ,ऐसे मे यह जांच होनी चाहिये कि इस मामले मे आई जी कार्यालय के कौन से कर्मी दोषी हैं।
जनता के उम्मीदों पर खड़ा उतरने वाले पदाधिकारियों को उम्मीदों से बढ़कर मिल जाता हैं सम्मान ,विशनपुर थानाध्यक्ष के विदाई समारोह मे लोंगों ने बांधा समां,सम्मान के साथ उनको दी विदाई।
विक्की अपहरण के मामले मे विचाराधीन दो कैदियों को पुलिस ने लिया रिमांड पर ,पुलिस कर रही हैं पूछताछ।मुहल्लेवासियों ने निकाला पुलिस के खिलाफ मशाल जुलूस।