पुलिस मुख्यालय की अनदेखी कहें ,या जानबूझकर की गई गलती,वरीयता सूची मे नाम दर्ज रहने के बाद भी नहीं मिली प्रोन्नति ?ना ही कभी कोई शिकायत ,ना ही कोई विभागीय कार्यवाही ?2018 बैच के पुअनि की हो गई प्रोन्नति ,2009बैच के नीलम रह गई जस के तस ?
पुलिस मुख्यालय की अनदेखी कहें ,या जानबूझकर की गई गलती,वरीयता सूची मे नाम दर्ज रहने के बाद भी नहीं मिली प्रोन्नति ?ना ही कभी कोई शिकायत ,ना ही कोई विभागीय कार्यवाही ?2018 बैच के पुअनि की हो गई प्रोन्नति ,2009बैच के नीलम रह गई जस के तस ?
पुलिस मुख्यालय की अनदेखी कहें ,या जानबूझकर की गई गलती ?मिथिला क्षेत्र के आईजी कार्यालय मे पदस्थापित पुअनि नीलम का वरीयता सूची मे नाम रहने के बाद भी उसे प्रोन्नति नहीं मिली ,आखिर ऐसा क्यू हुआ ?किनकी गलती से नहीं हुआ ?
संजय कुमार राय
पुलिस मुख्यालय के कार्मिक विभाग प्रभार के डीआईजी के आदेश को उनके विभाग के कर्मियों ने ही मजाक बनाकर रख दिया हैं इस कारण विभाग के बड़े अधिकारियों पर सवाल उठना लाजमी हैं ?
ऐसा हम इसीलिये कह रहें हैं कि मिथिला क्षेत्र अंतर्गत दरभंगा जिला के 2009बेच के सीधी भर्ती पुअनि नीलम कुमारी को कार्यकारी प्रभार से विभाग ने वंचित कर दिया जब्कि उनसे कम रेंक पाने वाले पुअनि को विभाग ने प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर बना दिया। इसे लेकर पूरे महकमे मे चर्चा का विषय बना हुआ हैं।पुअनि नीलम कुमारी दरभंगा क्षेत्र के आईजी कार्यालय मे पदस्थापित हैं।
जी हम बात कर रहें हैं दरभंगा जिला मे पदस्थापित पुअनि नीलम कुमारी का ,जिनकी भर्ती पुलिस विभाग मे 18/2/2009को हुई। इनपर ना ही कभी कोई कारवाई हुई और ना ही इनके विरुद्ध कोई मामला हैं। बताया जाता हैं कि आईजी कार्यालय से इनसे सभी संबंधित कागजात पुलिस मुख्यालय को भी भेज दिया गया लेकिन पहले चरण मे भी इनको उच्चतर प्रभार नहीं मिला जब्कि 2018बैच के कई पुलिस अधिकारियों को उच्चतर प्रभार यानि इंस्पेक्टर मे प्रमोशन दे दिया गया।
पुलिस अवर निरीक्षको की सूची मे पुअनि नीलम कुमारी का वरीयता क्रमांक 9805हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी अधिसूचना पुलिस अवर निरीक्षक के पद से पुलिस निरीक्षक के पद पर कार्यकारी प्रभार दिये जानें मे नीलम कुमारी का सूची मे कही भी नाम दर्ज नहीं हैं।
जब्कि राज्य वरीयता सूची मे भाग 4अंश क से संबंधित सूची मे क्रम संख्या 9879 A ,9937 A एवं 9962 Aके पुलिस अवर निरीक्षकों का पुनि के पद पर नीलम कुमारी का इन सभी से पहले वरीयता क्रमांक (9805)हैं लेकिन पुअनि नीलम को प्रोन्नति से वंचित कर दिया गया हैं।
यहां बता देना जरूरी हैं कि करीब 15वर्षों बाद पुलिस महकमे मे सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक के पुलिस कर्मियों /पदाधिकारियो का उच्चतर प्रभार देने की प्रक्रिया हुई ,इसके बावजूद 2009बैच के पुअनि को उच्चतर प्रभार नहीं मिलना अपने आप मे बड़ा प्रश्न खड़ा करता हैं जब्कि वे पूरी दक्षता रखते हैं और इनके वरीयता क्रमांक से जिनका क्रमांक बहूत ज्यादा आगे हैं उनको उच्चतर प्रभार बिहार पुलिस मुख्यालय पटना द्वारा दे दिया हैं।
इस कारण कई सवाल उठना लाजमी हैं। सवाल यही कि यह चूक एसपी के स्तर से या फिर आईजी या मुख्यालय स्तर से हुई या पुलिस मुख्यालय के कर्मियों ने पुअनि नीलम कुमारी का फ़ाइल दबाकर रख दिया ?मामला जो भी हो लेकिन एक सच्चे और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस पदाधिकारी के साथ ऐसा किया जाना कतई न्याय संगत नहीं हैं।ऐसे मे कहा जा सकता हैं कि ऊंची पैठ या पहुंच रखने वाले लोंगों को ही पुलिस विभाग प्रोन्नति दे रही हैं ?