सिंहवाड़ा स्वास्थय केन्द्र मे प्रसव कराने आई महिला को धक्के मारकर केन्द्र से कर्मियों ने निकाला बाहर ,दर्द से कराह रही महिला का केन्द्र के बाहर बरामदे पर ही हो गया प्रसव ,जांच के बाद मामले का हुआ खुलासा ?
दरभंगा ,संजय कुमार राय
सिंहवाड़ा प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मे तैनात चिकित्सक एवं कर्मियों की मनमानी से स्थानीय लोंगों मे आक्रोश हैं।यहां कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती हैं ,इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता।सिंहवाड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र से नित्य दिन कोई ना कोई बड़े मामले सामने आते रहते हैं लेकिन सिविल सर्जन द्वारा कारवाई नहीं किये जानें से यहां के पदाधिकारी और कर्मी किसी हद को पार कर जाते हैं।अब जो मामला सामने आया हैं यह मामला तो मानवता को भी शर्मशार करता हैं।दर्द से कराह रही प्रसव कराने आई एक महिला के साथ सिंहवाड़ा स्वास्थय केन्द्र के कर्मियों ने धक्का मारकर उसे कैसे स्वास्थय केन्द्र से भगाने का प्रयास किया और दर्द से कराह रही उस महिला का कैसे प्रसव उसी केन्द्र पर हो गया इसका खुलासा कोई और नहीं स्वास्थय विभाग के ही क्षेत्रीय अपर निदेशक ,दरभंगा प्रमंडल ने जांचों उपरांत किया हैं लेकिन इन कर्मियों पर कारवाई अब तक नदारद हैं।
यहां बता दे कि प्रसव कराने आयी महिला एवं परिजनों के साथ दुर्व्यवहार करने का ऐसा मामला सामने आया हैं कि सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे लेकिन इस मामले मे सिविल सर्जन द्वारा कोई भी कारवाई नहीं किये जानें से लोंगों मे आक्रोश हैं।
इस मामले मे क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं दरभंगा प्रमंडल ने सिविल सर्जन को (ज्ञापांक 383)दिनांक तीन अक्टूबर पत्र लिखकर तीन कर्मियों को निलंबित करने का निर्देश दिया था। इसमें सिंहवाड़ा स्वास्थ्य केन्द्र मे पदास्थापित स्वास्थ्य प्रबंधक विनय भूषण ,जी एन एम सोनी कुमारी एवं प्रिया रानी का नाम शामिल हैं। इसके बावजूद सिविल सर्जन ने इन कर्मियों पर कारवाई नहीं की। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा हैं कि सिविल सर्जन और उस कार्यालय मे तैनात डीपीएम ने क्षेत्रीय अपर निदेशक द्वारा दिये गये पत्र को धूल चाटने के लिये छोड़ दिया हैं या फिर कहा जा सकता हैं कि अवैध उगाही कर इन्हें क्लीन चिट दे दिया गया हैं। अगर ऐसा नहीं हैं तो अबतक सिविल सर्जन द्वारा कारवाई क्यू नहीं की गई हैं ,यह भी वरीय पदाधिकारियों के आदेश की अवहेलना हैं।
दरअसल दिलदहला देने वाली यह घटना 14सितंबर 23की हैं। प्रसव से कराह रही
गणेश कहार अपनी पत्नी प्रियंका को सिंहवाड़ा स्थित स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रसव कराने के लिये लाया था लेकिन वहां तैनात कर्मियों ने उसे भर्ती कर फिर डीएमसीएच के लिये रेफर कर दिया।कोई भी सवारी नहीं मिलने से वह महिला स्वास्थय केन्द्र मे ही थी। स्थानीय लोग बताते हैं कि उक्त पीड़ित महिला जब वहां से नहीं गई तो वहां तैनात कर्मियों ने उसे धक्का मारकर जबरन स्वास्थ्य केन्द्र से बाहर कर दिया। वह महिला उस वक्त दर्द से बहूत कराह रही थी। उसका पति उसे लेकर अस्पताल के कॉरिडोर मे बैठ गया लेकिन कोई स्वास्थ्य कर्मी ने इसकी सुधि नहीं ली। घंटों दर्द से कराहते हुये आखिरकार महिला का प्रसव वहीं हो गया और सभी तैनात कर्मी वहां देखते रहें।
सिंहवाड़ा स्वास्थ्यकेन्द्र के कर्मी अगर डीएमसीएच रेफर ही किये तो ऐसी परिस्थिति मे उक्त महिला को एम्बुलेंस से डीएमसीएच भेजना चाहिये था लेकिन ऐसा किसी ने नहीं किया। यह घटना मानवता को तार तार करता हैं। अगर स्वास्थ्य केन्द्र मे पदस्थापित स्वास्थ्यकर्मी पीड़ित लोंगों के साथ ऐसा ही व्यवहार करते हैं तो ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों का स्वास्थ्य केन्द्र मे रहना या नहीं रहना दोनों ही बात बरामर हैं।
इस बात की जानकारी जब क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थय सेवाएं दरभंगा प्रमंडल को हुई तो उन्होंने सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र का निरीक्षण कर इस घटना के बाबत जानकारी ली।
पीड़ित महिला के शिकायत के आलोक मे क्षेत्रीय अपर निदेशक ने जांचों उपरांत सिविल सर्जन को पत्र के माध्यम से कहा कि स्वास्थ्य प्रबंधक विनय भूषण ,जीएनएम सोनी कुमारी एवं प्रिया रानी पूर्ण रूप से इस मामले मे जिम्मेदार हैं। उन्होंने सिविल सर्जन को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया कि इस मामले मे दोषी तीनों कर्मियों के निलंबन की अनुशंसा की जाती हैं बावजूद इसके सिविल सर्जन ने इस मामले मे कोई कारवाई नहीं की हैं। यही नहीं निरीक्षण के दौरान छः स्वास्थय कर्मी रोस्टर डयूटी से गायब पाये गये थे इस मामले मे भी उन्होंने सभी से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण की मांग की थी साथ ही उक्त चिकित्सा प्रभारी /कर्मी का वेतन या संविदा पर बहाल कर्मियों के मानदेय को अगले आदेश तक अवरुद्ध करने का निर्देश भी दिया था।

स्थानीय लोंगों का आरोप हैं कि स्वास्थय प्रबंधक के विरुद्ध पूर्व मे भी कई आरोप लगे थे। लोंगों का कहना हैं कि इन कर्मियों के कारण स्वास्थय केन्द्र की हालत बद से बदतर हो गई हैं।
