­अगर मगर डगर के तर्ज पर चल रहा हैं सिंहवाड़ा प्रखंड का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ,कभी दिव्यांगिता प्रमाण पत्र तो कभी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं यहां फर्जी ?अब तो एक ही ज्ञापांक से दिये जा रहें हैं दो दो आदेश -निर्देश।

दरभंगा ,संजय कुमार राय

सिंहवाड़ा प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र इन दिनों अगर मगर डगर के तर्ज पर चल रहा हैं। कभी यहां से फर्जी विकलांग पत्र जारी होता हैं ,तो कभी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने मे यह स्वास्थ्य केन्द्र सुर्खिया बटोरता हैं। अब एक ताजा मामला सामने आ रहा हैं जिसे सुनकर और देखकर आप चौक जाएंगे।

चिकित्सक ने जान बूझकर गलती की या फिर  ??

सिंहवाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ॰ हिना खुर्शीद की गलती कहें या जानबूझकर की गई गलती?क्यूंकि ऐसे ही मामले के उजागर होने पर राज्य के सरकारी कर्मी निलंबित भी हो चुके हैं।

एक ज्ञापांक से दो निर्देश जारी 

सिंहवाड़ा स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉ॰ हिना खुर्शीद ने अपने एक ही ज्ञापांक से दो -दो निर्देश जारी किया हैं जो उनके द्वारा किये गये गलत कार्यों को दर्शाता हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिंहवाड़ा के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी ने 16 सितंबर 23को एक ही ज्ञापांक(811) से दो आदेश निर्गत किये हैं ,इसमें पहला पत्र उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र मे पदस्थापित प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक विनय कुमार को दिया हैं। इसमें उन्होंने कहा हैं कि सिंहवाड़ा स्थित कई टीकाकरण स्थल पर फिक्स साईट टीकाकरण कार्य नहीं किया जा रहा हैं जो नियमाकुल सही नहीं हैं तथा यह एक अपराध हैं। उन्होंने प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को यह भी अवगत कराया हैं कि आपको पता होना चाहिये कि 21.08.23 को अधोहस्ताक्षरी द्वारा प्रभारी चिकित्सा प्रभारी का प्रभार ग्रहण कर लिया गया हैं इसके बावजूद आप इस बात की जानकारी अधोहस्ताक्षरी को क्यू नहीं दी जो उच्चाधिकारी को धोखाधड़ी देकर गुमराह करने की प्रवृति हैं।डॉ॰ हिना ने स्वास्थ्य प्रबंधक को 24घंटे के भीतर स्पष्टीकरण का जवाब देते हुये फिक्स जगहों पर टीकाकरण सुनिश्चत कराने का निर्देश दिया साथ ही चेतावनी भी दिया कि भविष्य मे इसकी पुनरावृति नहीं हो।

इस पत्र के बाद ऐसा क्या हो गया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने इसी ज्ञापांक 811के तहत दिनांक 16सितंबर को दूसरा पत्र जारी कर दिया जो अपने आप मे संदेहास्पद हैं और इसे धोखाधड़ी भी कहा जा सकता हैं।
इन्होंने यह दूसरा पत्र संविदा पर बहाल एएनएम सविता कुमारी को दिया। इस पत्र मे प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉ॰ हिना ने निर्देशित किया कि सिविल सर्जन के आदेश के आलोक मे आपको निर्देशित किया जाता हैं कि दिनांक 14.09.23के अनुपालन मे आप सामुदायिक केन्द्र सिंहवाड़ा मे प्रत्येक दिन अपने फिक्स साईट अभियान के तहत आप टीकाकरण कार्य सुनिश्चित करें।

सिविल सर्जन भी करते हैं मामलों की अनदेखी 

यही नहीं इन दोनों निर्देशों की सूचना पीएचसी प्रभारी ने सिविल सर्जन को भी अवगत कराया हैं। ऐसे मे सवाल उठता हैं कि सिविल सर्जन द्वारा क्या सभी ऐसे मामलों मे अनदेखी किया जा रहा हैं ,अगर ऐसा हैं तो सिविल सर्जन के कार्यशैली पर भी सवाल उठना लाजमी हैं।

ऐसा सुनिश्चित हैं कि एक ज्ञापांक से एक ही पत्र निर्गत किया जाता हैं लेकिन यहां एक पत्र से दो निर्देश अवगत किये गये हैं।यह विधिवत नहीं हैं।

पुलिस पर्यवेक्षण मे भी कोई आरोपी आरोपी चिकित्सक नहीं।

इससे पूर्व फर्जी विकलांगिता प्रमाण पत्र मे भी सिविल सर्जन का आदेश निर्गत था लेकिन इस मामले मे दर्ज कांड मे पर्यवेक्षणकर्ता ने अपने पर्यवेक्षण टिप्पणी मे ना ही इस बिंदु की चर्चा की और ना ही किसी चिकित्सा प्रभारी को अभियुक्त बनाया गया।

फर्जी तरीके से काम करने मे स्वास्थ्य केन्द्र अव्वल।

इसी तरह इस केन्द्र मे फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाया जा रहा था।यहां बता देना जरूरी हैं कि यह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र वहीं स्वास्थ्य केन्द्र हैं जो राज्य के सूची मे अव्वल था लेकिन अब ऐसा लग रहा हैं कि फर्जी कार्यों को लेकर यह स्वास्थ्य केन्द्र सुर्खियां बटोर रहा हैं।