दरभंगा /विधि संवाददाता

भारत के उच्च न्यायालय की प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश रही लीला सेठ की जयंती

पर दरभंगा के वकिलों ने उन्हें नमन किया। वकालतखाना भवन दरभंगा में शुक्रवार को अधिवक्ता अनीता आनंद की अध्यक्षता में देश के उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश बनने वाली प्रथम महिला न्यायमूर्ति लीला सेठ की जयंती मनाई गई।इस अवसर पर वकिलों ने उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि किया ।मौके पर अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि उन्हें लंदन की बार परीक्षा में शीर्ष स्थान मिला था। वे सर्वप्रथम कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकालत प्रारम्भ की। इसके बाद दस वर्षों तक पटना उच्च न्यायालय में वकालत की और तत्पश्चात उच्चतम न्यायालय में वकालत की थी।उन्हें 1978 में दिल्ली उच्च न्यायालय का प्रथम न्यायमूर्ति बनाया गया।वे दिल्ली उच्च न्यायालय की प्रथम महिला न्यायाधीश बनी। उन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया ।

 

उन्हें न्यायमूर्ति बनने से पूर्व सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार के वकीलों का पैनल में रहने का अवसर मिला।वे अपने गुरुत्तर दायित्वों का निर्वहन किया।वे शादी शुदा होने के बाबजूद कानून की शिक्षा प्राप्त कर अपनी प्रतिभा से देश की महिलाओं को गौरवान्वित किया।

मौके पर अधिवक्ता किरण कुमारी,बबिता कुमारी, चंदा वर्मा,अर्चना कुमारी,मायाशंकर चौधरी,रमणजी चौधरी,रामवृक्ष सहनी,संतोष कुमार सिन्हा,अनिल कुमार मिश्रा,बिरेंद्र कुमार सिंह,,समेत दर्जनों वकील एवं अधिवक्ता लिपिक बिनय कुमार झा, रामपुकार यादव समेत दर्जनों लोगों ने महिला न्यायाधीश रही लीला जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि कर नमन किया ।