राष्ट्र की आजादी के लिए समर्पित महिला क्रान्तिकारी मातंगिनी हाजरा की मनायी गई जयंती ,अधिवक्ताओं ने पुष्प अर्पित कर किया उन्हें याद।
राष्ट्र की आजादी के लिए समर्पित महिला क्रान्तिकारी मातंगिनी हाजरा की मनायी गई जयंती ,अधिवक्ताओं ने पुष्प अर्पित कर किया उन्हें याद।
दरभंगा.विधि संवाददाता
दरभंगा के वकिलों ने स्वतंत्रता संग्राम के प्रसिद्ध महिला मातंगिनी हाजरा की जयंती पर उन्हें याद कर नमन किया। वकालतनामा भवन दरभंगा में गुरुवार को अधिवक्ता राजीवरंजन ठाकुर एवं अधिवक्ता रमण जी चौधरी की संयुक्त अध्यक्षता में राष्ट्र की आजादी के लिए समर्पित महिला क्रान्तिकारी मातंगिनी हाजरा की जयंती मनाई गई।मौके पर अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि मातंगिनी हाजरा का जन्म 19अक्टूबर 1870 को बंगाल प्रान्त के मिदनापुर जिला के होगला गांव में एक अत्यन्त हीं निर्धन परिवार में हूई थी।उन्हें गांधी बूढ़ी के नाम से जाना जाता था।गांधी जी के असहयोग ,सविनय अवज्ञा आन्दोलन,भारत छोड़ो ,और नमक सत्याग्रह में सक्रिय भुमिका निभाई।अधिवक्ता उज्जवल गोस्वामी ने कहा कि 72 बर्ष की अवस्था में उन्होंने तामलुक में भारत छोड़ो आन्दोलन की कमान संभाली और गोलियां लगने के बाद भी तिरंगे को झुकने नहीं दिया।मौके पर बार एसोसिएशन दरभंगा का संयुक्त सचिव शिवशंकर झा,अधिवक्ता संजीव कुमार,मायानंद चौधरी,नवीनेन्द्रमिश्र,अनीता आनंद,संतोष कुमार सिन्हा,मुरारीलाल केवट,नरेश कुमार झा,किरण कुमारी,ब्रजेश कुमार चौधरी,नीरज ठाकुर उर्फ भगवानजी , ,अनिल कुमार मिश्रा, सुधीर कुमार चौधरी समेत सैकड़ों अधिवक्ताओं और अधिवक्ता लिपिक संघ के बिनय कुमार झा ने मातृभूमि की बलिवेदी पर अपनी जीवन समर्पित करने वाली महिला क्रांतिकारी स्वर्गीय हाजरा के चित्र पर पुष्प निवेदित कर नमन किया।
जन संवाद के माध्यम से पदाधिकारियों ने लोगों को सरकार के योजनाओं की दी जानकारी, भवानीपुर पंचायत के नवटोल में आयोजित किया गया कार्यक्रम।
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