बिजली विभाग की लापरवाही से जा सकती हैं बच्चों की जान ,बीडीओ के अवगत कराने पर बिजली विभाग की नहीं खुली नींद।
कुशेश्वरस्थान /दरभंगा
बिजली विभाग की लापरवाही के कारण किसी दिन बड़ी घटना घट सकती हैं ,अगर ऐसा किसी दिन हो गया तो बिजली विभाग का कौन सा पदाधिकारी इसका जिम्मा लेगा। बिजली विभाग के अधिकारी लोंगों से अपील करते हैं कि कोई भी समस्या हो तो विभाग को अवगत कराएं ,समस्याएं दूर होगी लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही हैं।
कई महीनों से कुशेश्वरस्थान स्थित कस्तूरबा मध्य विद्यालय एवं राजकीय मध्य विद्यालय बालक की और जानें वाली सड़कों पर बिजली का नंगा तार दौर रहा हैं ,दूरी इतनी हैं कि बीच मे पोल नहीं हैं। तार लटक रही हैं। अगर किसी दिन यह तार टूटकर गिरी तो दोनों स्कूलों मे पढ़ रहें बच्चों की जान जा सकती हैं। इस बाबत प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की और से सहायक अभियंता बिरौल को
पत्र के माध्यम से कई महीनों पहले अवगत कराया गया था लेकिन विभाग की और से कोई कारवाई नहीं हुई।
स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने इस बाबत प्रखंड बिकास पदाधिकारी को अवगत कराया और पत्र के माध्यम से कहा कि इस बाबत कई बार उनके द्वारा बिजली विभाग को अवगत कराया गया हैं लेकिन विभाग ने कोई कारवाई नहीं की हैं। उन्होंने कहा हैं कि इन स्कूलों मे बिजली का तार बांस और खूंटे के सहारे स्कूल तक लाया गया था इसे पोल लगाकर ही सुदृढ़ किया जा सकता हैं। अगर आंधी बारिश हुई तो कभी भी तार टूटकर जमीन पर गिर सकता हैं। प्रधानाध्यापक ने कहा कि जब कोई शिकायत होती हैं तो विभाग के जेई विद्यालय का दौरा कर समाधान करने का आश्वासन देते हैं लेकिन पोल लगाने की दिशा मे कोई कारवाई नहीं करते हैं। बीडीओ के द्वारा विभाग को पत्राचार भी किया गया हैं। राजकीय मध्य विद्यालय बालक मे 41पंखे और बल्ब लगे हैं ,कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मे 15पंखे और 20बल्ब लगे हैं। करीब 600फिट तक बांस और खूंटे के सहारे बिजली का तार हैं। ऐसे मे यह तार कब टूटकर गिर जाय यह कहा नहीं जा सकता।



