करवा चौथ को लेकर बिरौल, बेनीपुर के बाजारों में बढ़ी हलचल, सजने लगीं पूजा की थालियां और सुहागिनों की तैयारियां तेज
दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
29 अक्टूबर को मनाए जाने वाले अखंड सौभाग्य के पावन पर्व ‘करवा चौथ’ को लेकर दरभंगा जिले के बिरौल, बेनीपुर अनुमंडल क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। पर्व को लेकर क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख बाजारों में रौनक देखते ही बन रही है। एक तरफ जहां दुकानें रंग-बिरंगी पूजा थालियों और श्रृंगार सामग्री से सज चुकी हैं, वहीं सुहागिन महिलाएं भी पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए इस कठिन निर्जला व्रत की तैयारियों में पूरी मुस्तैदी से जुट गई हैं।बिरौल अनुमंडल के मुख्य बाजार, सुपौल बाजार, कुशेश्वरस्थान,पाली। बेनीपुर के बहेड़ा,सहित आसपास की दुकानों पर करवा चौथ की विशेष खरीदारी के लिए महिलाओं का आना शुरू हो गया है। इस बार बाजारों में पारंपरिक मिट्टी के करवे के साथ-साथ विशेष रूप से सजाई गई फैंसी और डिजाइनर पूजा थालियां, छलनी और लोटे के आकर्षक सेट उपलब्ध हैं।
दुकानदार ग्राहकों को लुभाने के लिए थालियों को गोटा-पट्टी, शीशे और रंग-बिरंगे गोटों से सजाकर बेच रहे है। करवा चौथ पर सुहागिनों के लिए सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व होता है। इसे ध्यान में रखते हुए कपड़ों, मनिहारी और आभूषणों की दुकानों पर चहल-पहल बनी हुई है। महिलाएं साड़ी, लहंगा, चुनरी के साथ-साथ चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, पायल और अन्य श्रृंगार सामग्रियों की खरीदारी कर रही हैं। इसके अलावा बाजारों में मेहंदी लगाने वाले कारीगरों के पास भी अग्रिम बुकिंग और भीड़ देखने को मिल रही है।सुहागिनों का कहना है कि यह व्रत पति-पत्नी के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। निर्जला रहकर रखे जाने वाले इस व्रत को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है। सुबह सरगी खाने से लेकर शाम को कथा सुनने और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलने तक की तमाम पारंपरिक विधियों को पूरा करने के लिए घर-घर में विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
