30 हजार की रिश्वत लेते ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार गिरफ्तार, निगरानी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप , ट्रिपर वाहन चलाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप, कार्रवाई के बाद बिगड़ी तबीयत; सदर अस्पताल में चल रहा इलाज
30 हजार की रिश्वत लेते ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार गिरफ्तार, निगरानी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप , ट्रिपर वाहन चलाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप, कार्रवाई के बाद बिगड़ी तबीयत; सदर अस्पताल में चल रहा इलाज
30 हजार की रिश्वत लेते ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार गिरफ्तार, निगरानी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप ,
ट्रिपर वाहन चलाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप, कार्रवाई के बाद बिगड़ी तबीयत; सदर अस्पताल में चल रहा इलाज
दस्तक 7मीडिया /मधुबनी
बिहार के मधुबनी जिले में निगरानी विभाग की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार को कथित तौर पर 30 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि निगरानी टीम ने शिकायत के सत्यापन के बाद यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद डीएसपी की तबीयत बिगड़ने की सूचना है। उन्हें मधुबनी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चलने की बात कही जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला ट्रिपर वाहन चलाने के एवज में कथित रूप से रिश्वत मांगे जाने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता रोहित मिश्रा ने आरोप लगाया था कि वाहन चलाने के लिए उनसे 30 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने मामले का सत्यापन किया। इसके बाद टीम ने कथित लेन-देन के दौरान कार्रवाई करते हुए डीएसपी को गिरफ्तार किया।
बताया जा रहा है कि 27 अक्टूबर 2026 को निगरानी विभाग की टीम ने नगर भवन के सामने स्थित ट्रैफिक डीएसपी कार्यालय में कार्रवाई की। हालांकि, कार्रवाई के समय की परिस्थितियों, रिश्वत की राशि की बरामदगी और मामले में दर्ज प्राथमिकी के विस्तृत ब्योरे की आधिकारिक पुष्टि की जानी बाकी है।
गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत, सदर अस्पताल में भर्ती
निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार की तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई। इसके बाद उन्हें मधुबनी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल में उपचार को लेकर आधिकारिक जानकारी स्पष्ट होना बाकी है।
शिकायत के सत्यापन के बाद कार्रवाई की चर्चा
मामले में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों के सत्यापन के बाद निगरानी विभाग की कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। एक जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोप में हुई इस कार्रवाई ने पुलिस महकमे में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
अब इस मामले में निगरानी विभाग की प्राथमिकी, कथित रिश्वत की राशि की बरामदगी, संबंधित साक्ष्यों और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निगाहें टिकी हैं। यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच में शिकायतकर्ता के आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से साक्ष्य सामने आते हैं और विभागीय स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
फिलहाल, डीएसपी सुजीत कुमार के खिलाफ रिश्वत लेने का आरोप है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकलेगा।