मानसिक स्वास्थ्य और दृढ़ संकल्प से मिलेगी नशे से मुक्ति, डब्ल्यूआईटी में छात्राओं को किया जागरूक,

10 करोड़ नशा मुक्ति भारत एवं बिहार महाअभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित, चार दिनों में 21 स्कूलों तक पहुंचा अभियान 

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में संचालित 10 करोड़ नशा मुक्ति भारत एवं बिहार महाअभियान के अंतर्गत मंगलवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान (डब्ल्यूआईटी), दरभंगा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों को नशे के दुष्परिणामों, मानसिक स्वास्थ्य के महत्व तथा सकारात्मक विचारों और दृढ़ संकल्प के माध्यम से नशे से दूर रहने के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. अमोद कुमार ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि ब्रह्माकुमारी संस्थान के भाई-बहन छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य, श्रेष्ठ संकल्प और नशामुक्त जीवन के विषय में जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन विचारों को आत्मसात कर छात्राएं और शिक्षक अपने जीवन को अधिक मूल्यवान एवं श्रेष्ठ बना सकेंगे। उन्होंने बताया कि वे डीआरडीओ में कार्यरत रहने के दौरान भी ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी के कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं।

नशे के हर स्वरूप से दूर रहने का आह्वान

वरिष्ठ राजयोगी शिक्षक बीके सुधाकर भाई ने कहा कि नशा आज समाज के लिए नासूर बनता जा रहा है। उन्होंने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि नशे के दायरे में केवल अफीम, गांजा, चरस और ड्रग्स जैसे पदार्थ ही नहीं, बल्कि तंबाकू, गुटखा, जर्दा, बीड़ी, सिगरेट तथा व्हाइटनर और सॉल्यूशन जैसे पदार्थों का दुरुपयोग भी शामिल है।

उन्होंने तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य नुकसान के प्रति आगाह किया। उनके अनुसार, इनका सेवन कैंसर सहित फेफड़ों और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। उन्होंने छात्राओं और शिक्षकों से अपील की कि वे आज ही दृढ़ संकल्प लें कि किसी भी परिस्थिति में नशे को अपने जीवन में जगह नहीं देंगे। इसके लिए प्रतिदिन कम से कम एक घंटा स्वयं के लिए निकालकर विचारों और संकल्प शक्ति को मजबूत बनाने का अभ्यास करने की सलाह दी।

तनाव और नकारात्मक विचारों से बचना जरूरी

कादिराबाद सेवा केंद्र की संचालिका बीके पूजा बहन ने मानसिक स्वास्थ्य पर विचार रखते हुए कहा कि तनाव, अवसाद और मन की कमजोरी व्यक्ति को नशे की ओर धकेल सकती है। मन को शक्तिशाली बनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने से तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह शरीर को नियमित भोजन की आवश्यकता होती है, उसी तरह मन को भी अच्छे विचारों का पोषण देना जरूरी है। इसके लिए सुबह और रात सकारात्मक विचारों, अच्छी पुस्तकों और उपयोगी गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया से मिलने वाली सूचनाओं की अधिकता और जरूरत से ज्यादा सोचने की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, सकारात्मक विचार निर्णय लेने और सही-गलत में अंतर समझने की क्षमता को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम में सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी अभिराम भाई और भारतीय स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त प्रबंधक फकीरा भाई ने भी अपने विचार रखे। इससे पूर्व बीके मौसम बहन ने ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का परिचय दिया। डब्ल्यूआईटी के दो विद्यार्थियों ने कार्यक्रम का संचालन किया।

चार दिनों में 21 स्कूलों में चला अभियान

ब्रह्माकुमारी संस्थान की ओर से पिछले चार दिनों में दरभंगा के कुल 21 स्कूलों में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें लहेरियासराय सेवा केंद्र की ओर से नौ, कादिराबाद सेवा केंद्र की ओर से आठ और दरभंगा के दोनार सेवा केंद्र की ओर से चार कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ, सकारात्मक एवं मूल्यनिष्ठ जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।