घटती प्रजनन दर और बदलती जनसंख्या संरचना पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, दरभंगा में स्त्री रोग विशेषज्ञों की शैक्षणिक बैठक में जनसांख्यिकीय बदलाव, प्रजनन स्वास्थ्य और भविष्य की चुनौतियों पर हुई चर्चा
घटती प्रजनन दर और बदलती जनसंख्या संरचना पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, दरभंगा में स्त्री रोग विशेषज्ञों की शैक्षणिक बैठक में जनसांख्यिकीय बदलाव, प्रजनन स्वास्थ्य और भविष्य की चुनौतियों पर हुई चर्चा
घटती प्रजनन दर और बदलती जनसंख्या संरचना पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता,
दरभंगा में स्त्री रोग विशेषज्ञों की शैक्षणिक बैठक में जनसांख्यिकीय बदलाव, प्रजनन स्वास्थ्य और भविष्य की चुनौतियों पर हुई चर्चा
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
दरभंगा प्रसूति एवं स्त्री रोग सोसाइटी की ओर से आयोजित शैक्षणिक बैठक में विश्व और भारत में घटती प्रजनन दर तथा इसके सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में डॉ. नीलू सिंह ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से वैश्विक जनसंख्या में हो रहे बदलाव और भविष्य में इससे उत्पन्न होने वाली चुनौतियों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1975 से 2025 के बीच विश्व की जनसंख्या लगभग दोगुनी हो गई, जबकि इसी अवधि में औसत प्रजनन दर में उल्लेखनीय गिरावट आई। भारत में भी सत्तर के दशक के मध्य में प्रति महिला पांच से अधिक बच्चों की औसत प्रजनन दर थी, जो अब घटकर लगभग 1.9 रह गई है। हालांकि, देश में युवाओं की बड़ी आबादी के कारण आने वाले कुछ दशकों तक जनसंख्या वृद्धि जारी रहने की संभावना है।
प्रस्तुति में दक्षिण कोरिया, जापान, चीन, इटली और यूरोप के कई देशों में घटती जन्मदर की स्थिति पर भी चर्चा हुई। दक्षिण कोरिया में कुल प्रजनन दर लगभग 0.75 तक पहुंचने को गंभीर चुनौती के रूप में रेखांकित किया गया। वहीं, अफ्रीका और दक्षिण एशिया के कुछ देशों में प्रजनन दर अब भी अपेक्षाकृत अधिक है। विशेषज्ञों ने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्से एक ओर जनसंख्या वृद्धि, तो दूसरी ओर घटती जन्मदर और बढ़ती वृद्ध आबादी जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
महिलाओं की शिक्षा, शहरीकरण और बढ़ता खर्च प्रमुख कारण
घटती प्रजनन दर के पीछे महिलाओं की शिक्षा में वृद्धि, विवाह और पहले बच्चे के जन्म की उम्र बढ़ना, परिवार नियोजन के साधनों की उपलब्धता, शहरीकरण, बच्चों की परवरिश एवं शिक्षा पर बढ़ता खर्च तथा रोजगार और आवास संबंधी अनिश्चितता जैसे कारणों पर चर्चा की गई। इसके अलावा, छोटे परिवार के प्रति बढ़ती स्वीकार्यता और उम्र बढ़ने के साथ जैविक प्रजनन क्षमता में कमी को भी महत्वपूर्ण कारक बताया गया।
विशेषज्ञों ने आगाह किया कि यदि लंबे समय तक प्रजनन दर बेहद कम बनी रहती है, तो भविष्य में युवाओं और कामकाजी आबादी का अनुपात घट सकता है। इसके विपरीत, वृद्ध लोगों की संख्या बढ़ने से पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा और कार्यबल पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
तीन दशक तक संरक्षित भ्रूण से शिशु का जन्म चर्चा में
बैठक में आधुनिक प्रजनन विज्ञान की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। डॉ. नीलू सिंह ने बताया कि प्रजनन क्षमता को सुरक्षित रखने से जुड़ी तकनीकों के माध्यम से भविष्य में गर्भधारण की संभावनाओं को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने वर्ष 2025 में अमेरिका में थैडियस डैनियल पियर्स के जन्म का उदाहरण दिया। बताया गया कि उनका जन्म ऐसे भ्रूण से हुआ, जिसे लगभग 31 वर्षों तक जमाकर सुरक्षित रखा गया था। यह उदाहरण भ्रूण संरक्षण तकनीक की संभावनाओं को दर्शाता है।
साथ ही, भारत में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम, 2021 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि दाता के जनन कोशों और भ्रूण के संरक्षण की अवधि पर कानूनी सीमाएं निर्धारित हैं। इस विषय में कानून के प्रावधानों और उनकी प्रयोज्यता को ध्यान में रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
बैठक में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत प्रसाद, डॉ. ओम प्रकाश, फॉग्सी अध्यक्ष डॉ. कुमुदनी झा, सचिव डॉ. राजश्री पूर्वे, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पूजा महासेठ, डॉ. अलका द्विवेदी, डॉ. नूतन राय, डॉ. पूनम सिंह, डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. अलका मिश्रा और डॉ. वसुधारानी सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक एवं बड़ी संख्या में पीजी छात्र शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान महिला स्वास्थ्य, प्रजनन व्यवहार में बदलाव और भविष्य की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने कहा कि बदलती जनसंख्या संरचना को ध्यान में रखते हुए मातृ स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य, वृद्धजन देखभाल और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी नीतियों पर समग्र रूप से ध्यान देना जरूरी है।
दस्तक 7मीडिया के खबर का असर :हाजत में बिना वर्दी ड्यूटी पर कार्रवाई, होमगार्ड जवान हटाए गये
दरभंगा में नशेड़ियों के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज, पांच गिरफ्तार; सोनकी कांड का आरोपी भी धराया, हायाघाट में एक और सोनकी में चार नशे की हालत में गिरफ्तार, सोनकी कांड संख्या 134/26 के प्राथमिकी अभियुक्त को भी पुलिस ने दबोचा