सांप को डिब्बे में लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन, इंजेक्शन देने पर विवाद,रास्ते में शंभू महतो की मौत

दस्तक 7 मिडिया, घनश्यामपुर, दरभंगा।

घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के गौढेल गांव में शुक्रवार देर रात सर्पदंश से 55 वर्षीय शंभू महतो की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सांप को डिब्बे में बंद कर सीएचसी घनश्यामपुर पहुंचने के बावजूद उन्हें सर्पदंश का इंजेक्शन नहीं दिया गया। दूसरी दवा देकर डीएमसीएच रेफर कर दिया गया। दरभंगा ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वहीं, अस्पताल प्रभारी डॉ. आकृति किरण ने संबंधित डॉक्टर के हवाले से मरीज को इंजेक्शन देने की बात कही है।
परिजनों के अनुसार, शंभू महतो अपनी पत्नी सुमित्रा देवी के साथ पक्के मकान के कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान वेंटिलेटर के रास्ते सांप कमरे में घुस आया और बिस्तर पर सो रहे शंभू को डस लिया। शोर सुनकर पत्नी की नींद खुली। इसके बाद आसपास के लोगों को बुलाया गया। परिजनों ने सांप को डिब्बे में बंद किया और शंभू को लेकर सीएचसी पहुंचे। उनका आरोप है कि सांप दिखाने के बावजूद डॉक्टर ने इंजेक्शन नहीं दिया। हालांकि, इलाज में लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रभारी डॉ. आकृति किरण ने बताया कि घटना के समय वह रास्ते में थीं। सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचकर उन्होंने संबंधित डॉक्टर से बात की। डॉक्टर ने बताया कि मरीज शराब पीकर आया था और उसे सर्पदंश का इंजेक्शन देने के बाद डीएमसीएच रेफर किया गया था।
अस्पताल प्रभारी ने आरोप लगाया कि मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी को मारने के लिए खदेड़ा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्वास्थ्यकर्मी की ओर से उन्हें आवेदन दिया गया है।
शंभू महतो की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर कई घंटे तक हंगामा किया। वे इलाज में लापरवाही की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया और परिजनों को समझाकर हंगामा शांत कराया। शंभू महतो अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और दो बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। घटना के बाद गौढेल गांव में मातम पसरा है।