बिरौल में सहसराम सनसनीखेज हत्याकांड, तेजतर्रार पु.अ.नि मुकेश कुमार को मिली अनुसंधान की कमान, न्याय की आस में परिजन

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र के सहसराम गांव में हुए बहुचर्चित चमेली देवी हत्याकांड के मामले में जांच प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली है। सनसनीखेज और निर्मम तरीके से हुई इस हत्या के खुलासे और अनुसंधान की जिम्मेदारी इलाके के जाने-माने तेजतर्रार पुलिस पदाधिकारी मुकेश कुमार को सौंपी गई है। कमान संभालते ही उन्होंने वरीय पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में अपराधियों की धरपकड़ और साक्ष्य संकलन की दिशा में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है।

अनुसंधान अधिकारी मुकेश कुमार अपनी उत्कृष्ट और सख्त कार्यशैली के लिए आम लोगों में खासे चर्चित रहे हैं। इससे पहले उन्होंने समस्तीपुर जिले के बाद दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र में अपराधियों, बदमाशों और अवैध नशेड़ियों के खिलाफ कई ऐसी सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने अपराध जगत की कमर तोड़ दी थी। उनके इसी बेबाक और तेजतर्रार अंदाज को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने इस संवेदनशील मामले की गुत्थी सुलझाने की अहम जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतका के घर में कोहराम मचा हुआ है। मृतका की बहन सरोज कुमारी और उनके पुत्र मंजीत कुमार चौधरी,माधव चौधरी, पुत्री पिंकी कुमारी ने मीडिया से बात करते हुए भावुक शब्दों में कहा कि उन्हें पूरी तरह न्याय चाहिए और इस जघन्य हत्याकांड में शामिल असली दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हालांकि, परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी निर्दोष व्यक्ति को नहीं फंसाया जाना चाहिए, ताकि असली कातिल कानून के शिकंजे से बच न सके। चमेली देवी की जिस बेरहमी से हत्या की गई है, उसने पूरे सहसराम गांव को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर व्याप्त है और हर कोई स्तब्ध है। गांव के लोगों का कहना है कि इस तरह की जघन्य वारदात ने समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पुलिस के नए अनुसंधान अधिकारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम हर संभावित एंगल से गहराई से छानबीन कर रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो जल्द ही इस हत्याकांड से पर्दा उठाया जाएगा और सभी आरोपी कानून की गिरफ्त में होंगे।