डीएमसीएच सर्जरी विभाग परिसर में निजी एंबुलेंस का जमावड़ा, भड़के अधीक्षक

सुरक्षाकर्मियों को लगाई फटकार, बेंता थाना को फोन कर परिसर खाली कराने का किया अनुरोध

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

डीएमसीएच के सर्जरी विभाग परिसर में निजी एंबुलेंस के जमावड़े से मरीजों और डॉक्टरों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सोमवार को अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा निरीक्षण के दौरान सर्जरी भवन के सामने पहुंचे तो पूरे परिसर में निजी एंबुलेंस खड़ी देख नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को फटकार लगाते हुए तत्काल एंबुलेंस हटवाने का निर्देश दिया।

सुरक्षाकर्मियों ने अधीक्षक को बताया कि निजी एंबुलेंस हटाने के लिए कहने पर चालक विवाद और दबंगई पर उतर आते हैं। बार-बार कहने के बावजूद वे एंबुलेंस हटाने को तैयार नहीं होते। इस पर अधीक्षक ने सुरक्षाकर्मियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और बेंता थाना की पुलिस को फोन कर परिसर से निजी एंबुलेंस हटवाने का अनुरोध किया। हालांकि, अधीक्षक के फोन करने के कई घंटे बाद भी परिसर की स्थिति में बदलाव नहीं हुआ।

सरकारी निर्देश के बावजूद निजी एंबुलेंस की पार्किंग

स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस की पार्किंग पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया गया है। इसके बावजूद सर्जरी भवन के अलावा गायनी और मेडिसिन विभाग के परिसरों में भी निजी एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। इससे अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी होती है, जबकि मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस भी उपलब्ध हैं।

निजी एंबुलेंस संचालकों से मिलीभगत का आरोप

सूत्रों के अनुसार, अस्पताल के कुछ कर्मियों की निजी एंबुलेंस संचालकों से मिलीभगत है। आरोप है कि मरीजों को एंबुलेंस की जरूरत पड़ने पर कुछ कर्मी निजी संचालकों से संपर्क करते हैं। इसके बाद मरीजों को मनमानी राशि देकर एंबुलेंस बुक करानी पड़ती है। इस राशि में संबंधित कर्मियों का कमीशन भी शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने बताया कि अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस की पार्किंग पर रोक लगाने के लिए पुलिस से लगातार अनुरोध किया जाता है।