संघर्ष की मूरत महिला की निर्मम हत्या, सहसराम में राम-जानकी मंदिर कीर्तन मंडली की प्रमुख सदस्य थी चमेली

दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।

बिरौल थाना क्षेत्र के सहसराम गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कठिन संघर्षों के बाद अपने परिवार को संवारने वाली रामनरेश चौधरी की धर्मपत्नी चमेली देवी की किसी ने निर्मम हत्या कर दी है। शनिवार की सुबह इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और शोक की लहर दौड़ गई है।

संघर्ष से सफलता तक की दास्तां–
बताया जाता है कि रामनरेश चौधरी ने बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताते हुए अपने दो पुत्रों (मंजीत कुमार चौधरी व माधव चौधरी) और एक पुत्री (पिंकी कुमारी) को स्नातक तक की उच्च शिक्षा दिलाई। इस कठिन सफर में उनकी पत्नी चमेली देवी ने सच्चे जीवन साथी का अटूट भरोसा और हर कदम पर मिला सहयोग सबसे बड़ा संबल साबित हुआ। पति और पुत्र दिल्ली में रहकर आजीविका कमाते थे और वहां से बचाए गए पैसों को भेजते थे, जिससे चमेली देवी गांव में ही अपने नए घर का निर्माण करवा रही थीं। पुत्री पिंकी कुमारी भी अपने पति के साथ दिल्ली में ही रहती हैं।

मंदिर के रास्ते की वह अंतिम सुबह-

चमेली देवी अपने घर की देखभाल करने के साथ-साथ सहसराम गांव स्थित राम-जानकी मंदिर में रोज नियम से जाती थीं। वह सुबह ठीक चार बजे उठकर गांव की अन्य महिलाओं के साथ मंदिर में कीर्तन-प्रार्थना में शामिल होना अपनी दैनिकचर्या का हिस्सा मानती थीं। शनिवार की सुबह जब चमेली देवी तय समय पर मंदिर नहीं पहुंचीं, तो साथी महिलाओं को चिंता हुई। मंदिर की एक महिला ने जब उनके फोन पर संपर्क किया और कोई जवाब नहीं मिला, तो वह सीधे उनके घर पहुंच गईं। वहां का भयावह नजारा देख वह हक्का-बक्का रह गईं और चीख पड़ीं। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हुए, तब जाकर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ।
कीर्तन मंडली की महिलाओं को यह जरा भी अंदाजा नहीं था कि शुक्रवार को राम-जानकी मंदिर में भजन-कीर्तन में शामिल होने वाली चमेली देवी का वह दिन उनके जीवन का अंतिम दिन साबित होगा। इस दुखद और जघन्य घटना के बाद पूरे सहसराम गांव में रोष और गम का माहौल है। ग्रामीण और परिजनों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर हत्यारों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है।