बहेड़ी के कोल्ड स्टोरेज में 1.50 करोड़ की बिजली चोरी का आरोप, प्राथमिकी दर्ज,

मीटर में छेड़छाड़ कर रीडिंग कम करने का आरोप, मुख्यालय की एसटीएफ टीम ने की छापेमारी; बहेड़ी थाने में केस दर्ज, एसआई अमित कुमार को जांच की जिम्मेदारी

दस्तक 7 मीडिया ,दरभंगा/बहेड़ी।

दरभंगा जिले के बहेड़ी स्थित केदारनाथ कोल्ड स्टोरेज में बिजली चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। बिजली विभाग ने कोल्ड स्टोरेज के संचालक हरेंद्र कुमार ठाकुर पर मीटर में छेड़छाड़ कर बिजली की वास्तविक खपत छिपाने और कंपनी को करीब एक करोड़ 50 लाख 54 हजार 541 रुपये के राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। इस मामले में विद्युत विभाग के सहायक विद्युत अभियंता राहुल रंजन के आवेदन पर बहेड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 318(4) और विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी एसआई अमित कुमार को सौंपी गई है।

मुख्यालय की एसटीएफ टीम के साथ हुई छापेमारी

विद्युत विभाग के आवेदन के अनुसार, आठ अक्टूबर को केदारनाथ कोल्ड स्टोरेज में बिजली चोरी किए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के मुख्यालय की एसटीएफ टीम और स्थानीय विद्युत अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर छापेमारी की गई। टीम में विद्युत कार्यपालक अभियंता प्रशांत कुमार पंडित, संजय कुमार सिंह, केशव कुमार, कनीय विद्युत अभियंता सुदर्शन राज, मिद्ध कुमार सहित अन्य विद्युतकर्मी शामिल थे।

छापेमारी दल दोपहर करीब 2:30 बजे कोल्ड स्टोरेज परिसर पहुंचा और जांच शुरू की। इस दौरान मीटर रूम का सील नहीं पाया गया। साथ ही, मीटरिंग यूनिट से मीटर तक जाने वाली पाइप के पास दो अतिरिक्त भूरे रंग के तार बाहर निकले हुए मिले। मीटर रूम में ताला लगा होने के कारण अधिकारियों ने संचालक हरेंद्र कुमार ठाकुर से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। कई बार संपर्क करने के बाद वह शाम करीब 5:30 बजे परिसर पहुंचे। इसके बाद स्थानीय पुलिस को बुलाया गया और संचालक की मौजूदगी में उनके प्रतिनिधि ने मीटर रूम का ताला खोला।

मीटर के बॉडी और टर्मिनल सील से छेड़छाड़ का आरोप

विभागीय आवेदन के मुताबिक, मीटर रूम की जांच के दौरान मीटर की बॉडी और टर्मिनल सील से छेड़छाड़ के निशान मिले। जांच में एक सील गायब भी पाई गई। अधिकारियों का आरोप है कि मीटरिंग यूनिट से मीटर तक आने वाले तारों में तीन तार काटकर दो तारों में अतिरिक्त भूरे रंग के तार जोड़कर शॉर्ट किया गया था। इससे मीटर के इनपुट डाटा को बाधित कर वास्तविक खपत की रीडिंग कम दर्ज कराए जाने की बात सामने आई।

विद्युत विभाग का दावा है कि इस तरीके से बिजली की वास्तविक खपत छिपाकर राजस्व की क्षति पहुंचाई जा रही थी। छापेमारी दल ने जांच की पूरी प्रक्रिया संचालक की उपस्थिति में की और उन्हें कथित बिजली चोरी से जुड़े साक्ष्यों की जानकारी दी।

209.75 केवीए पाया गया परिसर का भार

विभागीय आकलन के अनुसार, कोल्ड स्टोरेज परिसर का कुल विद्युत भार लगभग 209.75 केवीए पाया गया। बिजली चोरी के मामले में 1,50,54,541 रुपये की क्षति निर्धारित की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस राशि में समझौता राशि शामिल नहीं है।

सहायक विद्युत अभियंता राहुल रंजन ने आठ अक्टूबर को बहेड़ी थानाध्यक्ष को आवेदन देकर विद्युत अधिनियम की धारा 135 और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। पुलिस अभिलेख के अनुसार, बहेड़ी थाना कांड संख्या 851/26 के तहत नौ अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई। अब पुलिस मामले की जांच कर विभाग के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करेगी।