कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निष्पक्ष निपटारे पर जोर,

यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम पर कार्यशाला आयोजित, बिहार के सभी जिलों की आंतरिक समितियों के अध्यक्ष और सदस्यों ने लिया भाग

दस्तक 7मीडिया /पटना 

कमजोर वर्ग प्रभाग, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार की ओर से गुरुवार को चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के सहयोग से कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित अधिनियम पर एक दिवसीय क्षमता-संवर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आंतरिक समितियों को सुदृढ़ बनाना तथा कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों के निष्पक्ष, संवेदनशील और प्रभावी निवारण की व्यवस्था सुनिश्चित करना था।

बिहार पुलिस अकादमी की निदेशक श्रीमती आर. मलर विली ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला में भाग लिया। उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित अधिनियम, महिलाओं के अधिकार, संस्थानों की जिम्मेदारियों और शिकायतों के निष्पक्ष निपटारे की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आंतरिक समिति की भूमिका और कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

कार्यशाला में चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एस. पी. सिंह, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) सुश्री स्मिता सुमन तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ की अधिवक्ता सुश्री अंचल गुप्ता ने भी विषय के विभिन्न कानूनी और संस्थागत पहलुओं पर अपने विचार रखे। चर्चा के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, शिकायतों की संवेदनशीलता के साथ सुनवाई और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई जैसे विषयों पर जोर दिया गया।

इस कार्यशाला में बिहार के सभी जिलों की आंतरिक समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ बिहार पुलिस मुख्यालय के नामित पदाधिकारियों ने भाग लिया। वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी और अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

कार्यशाला के माध्यम से आंतरिक समितियों की कार्यक्षमता बढ़ाने, शिकायतों के निपटारे में निष्पक्षता बनाए रखने तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।