अभियुक्त को लाभ पहुंचाने’ की बातचीत की पुष्टि, लहेरियासराय थाने की प्रशिक्षु दारोगा ईशु रानी निलंबित सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो की जांच में खुलासा, कांड संख्या 254/26 की अनुसंधानकर्ता पर कार्रवाई
अभियुक्त को लाभ पहुंचाने’ की बातचीत की पुष्टि, लहेरियासराय थाने की प्रशिक्षु दारोगा ईशु रानी निलंबित सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो की जांच में खुलासा, कांड संख्या 254/26 की अनुसंधानकर्ता पर कार्रवाई
‘अभियुक्त को लाभ पहुंचाने’ की बातचीत की पुष्टि, लहेरियासराय थाने की प्रशिक्षु दारोगा ईशु रानी निलंबित
सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो की जांच में खुलासा, कांड संख्या 254/26 की अनुसंधानकर्ता पर कार्रवाई
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो की जांच के बाद दरभंगा पुलिस ने लहेरियासराय थाना में पदस्थापित प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक (प्र०पु०अ०नि०) ईशु रानी को निलंबित कर दिया है। पुलिस के अनुसार, वायरल ऑडियो की जांच में उनके द्वारा एक कांड के अभियुक्त को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बातचीत करने की पुष्टि हुई है।जिसे दस्तक 7ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया।खबर प्रकाशित होते ही एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने लहेरियासराय थाना के पर्यवेक्षी पदाधिकारी राहुल कुमार को अविलंब जांच रिपोर्ट देने को कहा ,पर्यवेक्षी पदाधिकारी ने भी अपना जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दिया जिसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक ने कारवाई की हें।
दरभंगा पुलिस की ओर से बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो को लेकर लहेरियासराय के पर्यवेक्षी पदाधिकारी से जांच कराई गई थी। जांच के दौरान ऑडियो की सत्यता और उसमें हुई बातचीत के संदर्भ में जांच प्रतिवेदन तैयार कर वरीय अधिकारियों को सौंपा गया।
जांच प्रतिवेदन में लहेरियासराय थाना कांड संख्या 254/26 की अनुसंधानकर्ता ईशु रानी की भूमिका का उल्लेख किया गया है। पुलिस के मुताबिक, जांच के क्रम में यह बात सामने आई कि उन्होंने कांड के अभियुक्त को लाभ पहुंचाने की नीयत से संबंधित बातचीत की थी।
पुलिस ने जांच प्रतिवेदन को गंभीरता से लेते हुए ईशु रानी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें सामान्य जीवनयापन भत्ता देय होगा।
निलंबन के साथ ही उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, दरभंगा निर्धारित किया गया है। पुलिस के इस कदम के बाद यह स्पष्ट है कि सोशल मीडिया पर सामने आए ऑडियो को महज वायरल सामग्री मानकर नजरअंदाज नहीं किया गया, बल्कि उसकी जांच कराकर संबंधित पुलिस पदाधिकारी की भूमिका पर कार्रवाई की गई।
हालांकि, पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति में वायरल ऑडियो में हुई बातचीत का पूरा विवरण, अभियुक्त का नाम अथवा उसे किस प्रकार का लाभ पहुंचाने की बात हुई थी, इसका खुलासा नहीं किया गया है। फिलहाल कार्रवाई का आधार पर्यवेक्षी पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन को बताया गया है।
मतगणना की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा, नया खेल भवन का किया निरीक्षण
ट्रेन की चपेट में आने से अज्ञात युवक की मौत, 25 मिनट रुकी स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, दाहिने हाथ पर लिखा मिला ‘सुजीत’, पहचान के लिए 72 घंटे सुरक्षित रहेगा शव