गायघाट की कई पंचायतों में बाढ़ के पानी में डूबी धान की फसल, किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
गायघाट की कई पंचायतों में बाढ़ के पानी में डूबी धान की फसल, किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
गायघाट की कई पंचायतों में बाढ़ के पानी में डूबी धान की फसल, किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
दीपक कुमार/ गायघाट
गायघाट। बागमती नदी के बढ़े जलस्तर और बाढ़ के पानी ने प्रखंड की कई पंचायतों में धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में लहलहाती धान की फसल कई दिनों से पानी में डूबी रहने के कारण बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। फसल को लेकर किसानों ने जो उम्मीदें संजोई थीं, वह अब बाढ़ के पानी में डूबती नजर आ रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में खेत जलमग्न हैं। कई जगह धान की फसल पूरी तरह पानी में समा गई है, जबकि कुछ खेतों में पौधे सड़ने लगे हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार होने के समय बाढ़ आने से लागत निकलना भी मुश्किल हो गया है। बीज, खाद, जुताई, मजदूरी समेत खेती में लगाया गया हजारों रुपये अब डूबता नजर आ रहा है।
किसानों ने बताया कि लगातार जलजमाव रहने से खेतों में लगी धान की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। यदि जल्द पानी नहीं निकला तो बची हुई फसल भी पूरी तरह नष्ट हो सकती है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने की आशंका है।
किसानों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर फसल क्षति का आकलन कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सरकारी स्तर पर समय रहते राहत और क्षतिपूर्ति नहीं मिली तो बाढ़ की मार झेल रहे अन्नदाताओं की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
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