बिरौल के नेऊरी में गरजे सवर्ण: राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा व सवर्ण युवा वाहिनी की संयुक्त बैठक में उठी हुंकार, UGC एक्ट व SC/ST कानून के खिलाफ आर-पार के मूड में समाज
काला कानून कतई बर्दाश्त नहीं करेगा सवर्ण समाज” — उमेश झा,

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

बिरौल प्रखंड अंतर्गत नेऊरी गांव स्थित ऐतिहासिक बाबा धनकेश्वर नाथ महादेव मंदिर प्रांगण में रविवार को ‘राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा’ और ‘सवर्ण युवा वाहिनी’ की एक अति-महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए यूजीसी एक्ट (UGC Act) और एससी/एसटी (SC/ST) कानून को समाज को बांटने की साजिश करार दिया।”काला कानून कतई बर्दाश्त नहीं करेगा सवर्ण समाज” — उमेश झा,

सभा की अध्यक्षता कर रहे उमेश झा ने अपने कड़े संबोधन में कहा कि सरकार द्वारा लाया गया यह विभेदकारी कानून सवर्ण समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अधिकारों की रक्षा के लिए अब समाज को संगठित होकर सड़क से संसद तक संघर्ष करने की आवश्यकता है। सुबोध झा सभा का संचालन करते हुए सुबोध झा ने कहा, “हम जिस राजनीतिक दल को अपने खून-पसीने से सींचकर सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाया, आज वही पार्टी सवर्णों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है। नीतीश झा ‘धीरज’ ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि UGC एक्ट समाज को बांटने और विभक्त करने का काम करेगा। केवल एक समाज विशेष को फायदा पहुंचाना कहां का न्याय है? उन्होंने आरोप लगाया, “सरकार ने पहले हिंदू-मुस्लिम किया, फिर संतों को बांटा और अब देश में दलितों व सवर्णों को आपस में लड़ाकर क्या साबित करना चाहती है? ” सवर्ण युवा वाहिनी के अध्यक्ष अभिजीत कश्यप ने सरकार के रवैये की तीव्र भर्त्सना करते हुए समाज को जागने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “सवर्ण समाज कब उठेगा और कब जागेगा? सरकार लगातार अपनी जनविरोधी नीतियों से देश को गृह युद्ध की विभीषिका की ओर धकेल रही है।” वहीं, अपने बेबाक संबोधन में प्रसून मैथिली ने कहा कि SC/ST एक्ट, UGC एक्ट और वर्तमान आरक्षण व्यवस्था देश की प्रतिभाओं और सामाजिक ताने-बाने को दीमक की तरह खोखला कर रही है। इस महत्वपूर्ण बैठक में सुबोध झा, शंकर खां, अभिराम मिश्र,सनत झा, अशोक झा, कमलेश झा, रूप चंद्र झा, विक्रम झा, प्रवीण झा,रविश कुमार सहित भारी संख्या में ग्रामीण व युवा उपस्थित थे।