बेगूसराय में हथियार लहराकर फायरिंग का आरोप, केस दर्ज फिर भी आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर!
सीसीटीवी फुटेज का दावा, पीड़ित ने जताई परिवार पर खतरे की आशंका:पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

दस्तक 7मीडिया /

मुफसिल थाना क्षेत्र के कैथमा वार्ड-19 में हथियार लहराकर गोली चलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद आरोपी के अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहने का मामला सामने आया है। पीड़ित रामशंकर सिंह ने 18 सितंबर को थाने में आवेदन देकर प्रणव कुमार उर्फ छोटू और उसके दो साथियों पर गाली-गलौज करने तथा जान से मारने की नीयत से घर की ओर फायरिंग करने का आरोप लगाया था।

पीड़ित के आवेदन के अनुसार, जमीन को लेकर प्रणव कुमार उर्फ छोटू और उसके बीच विवाद चल रहा है। आवेदन में कहा गया है कि रामशंकर के दरवाजे पर उसके रिश्तेदार पुगल किशोर राय और रंजित राय कभी-कभी बैठते थे। इसी बात को लेकर प्रणव को कथित तौर पर शक था कि रामशंकर ही उसके रिश्तेदारों को सिखाता है।

आवेदन के मुताबिक, 17 सितंबर 2026 की शाम करीब 7:17 बजे प्रणव कुमार उर्फ छोटू अपने दो साथियों के साथ रामशंकर के घर के पास पहुंचा। वहां कथित रूप से गाली-गलौज करने के बाद हथियार से घर की ओर फायरिंग की गई। पीड़ित ने आवेदन में आरोपी को आपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए अपने और परिवार के सदस्यों के साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका भी जताई है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पीड़ित ने घटना का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने का दावा किया है। आवेदन में कहा गया है कि फुटेज में आरोपी के हाथ में हथियार लहराते हुए दृश्य मौजूद हैं और पुलिस द्वारा मांगे जाने पर उसे उपलब्ध कराया जा सकता है।

18 सितंबर को दर्ज हुआ केस

थाने में दिए आवेदन के बाएं हाशिए पर दर्ज पुलिस टिप्पणी के अनुसार, मुफसिल थाना कांड संख्या 7223/26, दिनांक 18 सितंबर 2026 को धारा 109(1)/3(5) बीएनएस एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। अनुसंधान की जिम्मेदारी पु०अ०नि० राममणी को दी गई है।

मामला दर्ज होने के बावजूद यदि आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि सीसीटीवी फुटेज और हथियार से फायरिंग जैसे गंभीर आरोपों की जांच किस स्तर तक पहुंची? पीड़ित द्वारा परिवार की सुरक्षा को लेकर जताई गई आशंका पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की, यह भी सार्वजनिक होना चाहिए।

हथियार लहराने और फायरिंग के आरोप के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से मुफसिल थाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस अनुसंधान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।दस्तक 7मीडिया किसी ऑडियो /वीडियो का समर्थन नहीं करता ,यह जांच का मामला हे।