हर थाने में बच्चों के लिए बनेगा ‘अपना कोना’, 40 थानों में शुरू हुआ चाइल्ड हेल्प डेस्क,
महिला थाना में डीएम-एसएसपी ने किया उद्घाटन, थानाध्यक्ष पुष्प लता व एसआई ज्योति ने खुद दीवारों पर उकेरी बाल सुरक्षा की तस्वीरें
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
बच्चों को थाने में भय नहीं, बल्कि सुरक्षा और अपनापन महसूस हो—इसी उद्देश्य से जिले के सभी 40 थानों में शुक्रवार से Child Help Desk/Child Corner की शुरुआत की गई। महिला थाना में जिलाधिकारी कौशल कुमार एवं वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने फीता काटकर इसका विधिवत उद्घाटन किया।
अपर पुलिस महानिदेशक, कमजोर वर्ग प्रभाग, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार के निर्देश तथा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की गाइडलाइन के तहत शुरू की गई इस व्यवस्था में प्रत्येक थाने में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी (CWPO) और महिला पुलिसकर्मी की प्रतिनियुक्ति की गई है। यहां बच्चों की शिकायतों और समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।
चाइल्ड हेल्प डेस्क का उद्देश्य संकट में फंसे बच्चों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आवश्यक सेवाओं और संबंधित संस्थानों से जोड़ना है। बाल शोषण, बाल श्रम और बाल विवाह जैसी समस्याओं से बच्चों की सुरक्षा के अलावा उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। बालिकाओं के थाने पहुंचने पर महिला पुलिसकर्मी एवं CWPO उनसे संवाद कर उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्रवाई करेंगे। अभिभावकों या परिजनों से बच्चों से संबंधित सहायता का फोन आने पर भी तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
महिला थाना की दीवारों पर दिखी बाल सुरक्षा की तस्वीर
सभी थानों में चाइल्ड कॉर्नर को आकर्षक और बाल मित्रवत बनाने का प्रयास किया गया। इनमें महिला थाना की प्रस्तुति विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रही। थानाध्यक्ष पुष्प लता, एसआई ज्योति कुमारी और अंशु ने मिलकर चाइल्ड कॉर्नर को सजाया। खास बात यह रही कि थानाध्यक्ष पुष्प लता और एसआई ज्योति कुमारी ने खुद दीवारों की पुताई करने के बाद उस पर चित्रकारी कर बाल मित्रवत माहौल तैयार किया।
