हमारे वृद्धजन, हमारी विरासत: बच्चों ने बुजुर्गों से जाना गांव के बदलते दौर का इतिहास

संवाददाता, हनुमाननगर/ दरभंगा

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार को हनुमाननगर प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय मोरो में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार के नेतृत्व में बच्चों ने पोषक क्षेत्र के बुजुर्गों से मुलाकात कर उनके जीवन के अनुभव और बदलते सामाजिक परिवेश की जानकारी ली।

प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार ने बताया कि संयुक्त राष्ट्रसंघ की पहल पर वर्ष 1991 से प्रत्येक वर्ष एक अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति सम्मान, उनके अधिकारों और गरिमापूर्ण जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नई पीढ़ी को संवेदनशील बनाना है।

इसी उद्देश्य से विद्यालय में ‘हमारे वृद्धजन, हमारी विरासत’ नामक नवाचारी पहल शुरू की गई। इसके तहत विद्यार्थियों ने राम छबीला राय, राम राजी राय, फकीरा राय, भागो राय, पतीलाल राय, भाग्यनारायण राय, धनराज राय और किशोरी राय समेत अन्य बुजुर्गों से बातचीत की।

बच्चों ने बुजुर्गों से उनके बचपन, बागमती नदी की स्थिति, खेती-बारी, बिजली की उपलब्धता, संयुक्त और एकल परिवार, बाल विवाह तथा सामाजिक बदलाव से जुड़े सवाल पूछे। छात्र अभिषेक कुमार ने पूछा कि उनके समय में बाजार जाने के लिए पक्की सड़क थी या नहीं। प्रिंस ने पुराने समय में बीमारी और इलाज की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। ऋतिक राज ने पूछा कि क्या उन्होंने कभी महात्मा गांधी को देखा था। विष्णु कुमार ने पुरानी फसलों की जानकारी ली, जबकि करिश्मा ने महिलाओं की सामाजिक स्थिति में आए बदलाव को लेकर सवाल किया।

बुजुर्गों ने बच्चों के सवालों का सहजता से जवाब देते हुए उन्हें पढ़ाई के साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने की सीख दी। उन्होंने कहा कि माता-पिता, गुरु और बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि वे जीवन के सच्चे हितैषी और मार्गदर्शक होते हैं।

प्रधानाध्यापक ने विद्यार्थियों से अपने घर के बुजुर्गों से नियमित संवाद करने और उनके अनुभवों को डायरी में दर्ज करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग भारतीय ज्ञान परंपरा की जीवंत धरोहर हैं। कृषि, शिक्षा, चिकित्सा, रहन-सहन, पर्व-त्योहार, रीति-रिवाज और सामाजिक बदलाव से जुड़े उनके अनुभव आने वाली पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण हैं।

कार्यक्रम में शिक्षक डॉ. अन्नू कुमारी, अंशु प्रभा, गौतम जौहरी, सोनू यादव, देवेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रप्रभा, प्रियंका, मो. आमिर खान, अनुराग कुमार मंडल समेत विद्यालय के अन्य शिक्षक मौजूद थे।