बुढी गांधी मातंगिनी हाजरा के बलिदान को अधिवक्ताओं ने किया नमन।
बुढी गांधी मातंगिनी हाजरा के बलिदान को अधिवक्ताओं ने किया नमन।
बुढी गांधी मातंगिनी हाजरा के बलिदान को अधिवक्ताओं ने किया नमन।
दस्तक 7मीडिया /विधि संवाददाता
महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी वीरांगना मातंगिनी हाजरा के शहादत दिवस पर मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन भवन में अधिवक्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। अधिवक्ता रमण जी चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया।
अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 72 वर्षीय मातंगिनी हाजरा ने अदम्य साहस का परिचय दिया था। 29 सितंबर 1942 को वह हजारों प्रदर्शनकारियों के साथ मेदिनीपुर जिले के तामलुक थाना पर तिरंगा फहराने पहुंची थीं। अंग्रेजी हुकूमत की पुलिस ने उन पर गोलियां चलाईं, लेकिन उन्होंने अंतिम सांस तक तिरंगे को हाथ से नहीं गिरने दिया। देश की आजादी के लिए उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
मौके पर अधिवक्ता माधव चौधरी, हीरानंद मिश्र, अनिता आनंद, अनिल कुमार मिश्रा, सुधीर कुमार चौधरी, मुरारी लाल केवट, रामवृक्ष सहनी, श्याम बिहारी राय ‘सरस’, संतोष कुमार सिन्हा, नीतीश कुमार, बुलन कुमार झा, प्रदीप कुमार शांडिल्य सहित दर्जनों अधिवक्ता मौजूद थे। अधिवक्ता लिपिक विनय कुमार झा ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।