एम्स के पास नौ कट्ठा जमीन पर वर्चस्व की जंग, पांचवें दिन दो गिरफ्तार, गोलीबारी, रंगदारी और लूट के आरोपों में दोनों पक्षों से एक-एक आरोपी गिरफ्तार, पुलिस का दावा—30 से 40 संदिग्धों की हुई पहचान
एम्स के पास नौ कट्ठा जमीन पर वर्चस्व की जंग, पांचवें दिन दो गिरफ्तार, गोलीबारी, रंगदारी और लूट के आरोपों में दोनों पक्षों से एक-एक आरोपी गिरफ्तार, पुलिस का दावा—30 से 40 संदिग्धों की हुई पहचान
एम्स के पास नौ कट्ठा जमीन पर वर्चस्व की जंग, पांचवें दिन दो गिरफ्तार,
गोलीबारी, रंगदारी और लूट के आरोपों में दोनों पक्षों से एक-एक आरोपी गिरफ्तार, पुलिस का दावा—30 से 40 संदिग्धों की हुई पहचान
संवाददाता, हनुमाननगर, दरभंगा।
एकमी-शोभन पथ किनारे दरभंगा एम्स के समीप विवादित नौ कट्ठा भूखंड को लेकर चल रहे विवाद ने पांचवें दिन भी पुलिस की कार्रवाई जारी रखी। मामले में विशनपुर थाना पुलिस ने अलग-अलग प्राथमिकी और फर्दबयान में लगाए गए आरोपों के आधार पर रविवार को दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
विजय भगत को गोली मारने के आरोप में उसके भाई अजय भगत के फर्दबयान पर दर्ज विशनपुर थाना कांड संख्या 156/26 में पुलिस ने लहेरियासराय निवासी मो. अकबर को गिरफ्तार किया। वहीं, विवादित जमीन की कथित दावेदार धर्मेंद्र साह की पत्नी गीता देवी की ओर से दर्ज प्राथमिकी संख्या 158/26 में लगाए गए फायरिंग, बाउंड्री निर्माण रोकने और 50 हजार रुपये लूटने के आरोपों के आधार पर मुस्तफापुर निवासी लाल यादव को गिरफ्तार किया गया।
मुखिया के बयान में केशव पर गोली चलाने का आरोप
विवाद को लेकर दर्ज प्राथमिकी संख्या 157/26 में नरसरा पंचायत के मुखिया रामजी राम ने अपने फर्दबयान में केशव कुमार चौधरी उर्फ बम-बम पर विजय भगत को निशाना बनाकर गोली चलाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस अनुसंधान में होनी बाकी है।
सीसीटीवी में घटना कैद होने का दावा
गीता देवी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि विवादित भूखंड पर बाउंड्री वॉल का काम रोकने के दौरान फायरिंग की गई और 50 हजार रुपये लूट लिए गए। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। अब पुलिस इस फुटेज को जांच का हिस्सा बनाकर अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
30 से 40 संदिग्धों की पहचान का पुलिस का दावा
विशनपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच में घटना में संलिप्त होने के संदेह वाले 30 से 40 लोगों की पहचान की गई है। सभी के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि साक्ष्य के आधार पर आगे गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में किसी भी तरह की गुंडागर्दी या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।