रात 10 से सुबह 4 बजे तक मधुबनी में चलेगी विशेष रात्रि गश्ती, अफसरों को थाने-प्रतिष्ठानों की चेकिंग का जिम्मा
रात 10 से सुबह 4 बजे तक मधुबनी में चलेगी विशेष रात्रि गश्ती, अफसरों को थाने-प्रतिष्ठानों की चेकिंग का जिम्मा
रात 10 से सुबह 4 बजे तक मधुबनी में चलेगी विशेष रात्रि गश्ती, अफसरों को थाने-प्रतिष्ठानों की चेकिंग का जिम्मा
दस्तक 7मीडिया /मधुबनी
जिले में रात के समय पुलिस गश्ती और थाना सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के लिए विशेष रात्रि गश्ती चेकिंग का रोस्टर जारी किया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल पुलिस निरीक्षक, पर्यवेक्षी पदाधिकारी और अन्य पुलिस पदाधिकारियों को रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर विशेष चेकिंग करने का निर्देश दिया गया है।
निर्देश के तहत नामित पदाधिकारियों को अपने निर्धारित क्षेत्र के थानों और पुलिस प्रतिष्ठानों की जांच करनी होगी। चेकिंग के दौरान थाना दैनिकी अथवा गार्ड पंजी में अपना हस्ताक्षर करना अनिवार्य किया गया है। इसके बाद चेकिंग का पूरा फलाफल निर्धारित प्रपत्र में दर्ज कर प्रतिदिन सुबह 10 बजे तक एसएसपी कार्यालय के कंट्रोल मोबाइल के व्हाट्सएप पर भेजना होगा।
सातों दिन अलग-अलग अफसरों की जिम्मेदारी
जारी रोस्टर में सदर, खजौली, जयनगर, बेनीपट्टी, झंझारपुर और फुलपरास अंचल के लिए सोमवार से रविवार तक अलग-अलग पदाधिकारियों की ड्यूटी तय की गई है। इसमें एसडीपीओ, अंचल पुलिस निरीक्षक, पुलिस निरीक्षक, डीएसपी, परिचारी और विभिन्न शाखाओं में तैनात पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
चेकिंग के दौरान अधिकारियों को यह भी देखना होगा कि थाने में ओडी पदाधिकारी और संतरी तैनात हैं या नहीं, गश्ती पार्टी किस स्थान पर है और किस समय उसकी जांच की गई। साथ ही ERSS-112 वाहन की लोकेशन और चेकिंग का समय, थाने का अंतिम सनहा नंबर व समय तथा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी चेकिंग प्रपत्र में दर्ज करना होगा।
अनुपस्थित अफसर की जगह होगी वैकल्पिक प्रतिनियुक्ति
एसएसपी के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी नामित पदाधिकारी को अवकाश या किसी अन्य कार्य के कारण ड्यूटी में शामिल होने में परेशानी है तो इसकी सूचना पहले देनी होगी, ताकि उसके स्थान पर दूसरे पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जा सके। इसके लिए पांच पुलिस पदाधिकारियों को रिजर्व में भी रखा गया है।
रोस्टर के अनुसार रिजर्व में साइबर थाना, जिला नियंत्रण कक्ष, एससी/एसटी थाना और महिला थाना के पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। वहीं, पुलिस केन्द्र की दिवा शाखा को संबंधित अधिकारियों को समय पर बल और परिवहन शाखा को वाहन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
इस व्यवस्था के तहत रात में थानों की सुरक्षा, संतरी ड्यूटी, गश्ती दल और 112 वाहनों की वास्तविक स्थिति की मौके पर जांच कर रिपोर्ट एसएसपी कार्यालय तक पहुंचाई जाएगी।
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