डीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से हाहाकार, गंभीर मरीजों के इलाज पर संकट,
24 घंटे से चिकित्सा सेवा बाधित होने का आरोप, प्रियंका झा ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था और उच्चस्तरीय जांच की मांग की

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण इलाज व्यवस्था प्रभावित होने को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को अस्पताल परिसर में अफरातफरी की स्थिति के बीच गंभीर मरीजों के इलाज को लेकर सवाल उठने लगे। इलाज की उम्मीद में पहुंचे कई मरीजों और उनके परिजनों ने मदद के लिए समाजसेवी प्रियंका झा से गुहार लगाई।

सूचना मिलने पर प्रियंका झा डीएमसीएच पहुंचीं और इमरजेंसी विभाग के बाहर इलाज के इंतजार में मौजूद मरीजों एवं उनके परिजनों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने दावा किया कि कई गंभीर मरीज इलाज के अभाव में परेशान थे और उनके परिजन मदद के लिए गुहार लगा रहे थे। इस दौरान उन्होंने डीएमसीएच प्रशासन और पुलिस प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवा बहाल कराने की मांग की।

प्रियंका झा ने कहा कि किसी भी विवाद या आंदोलन का खामियाजा गंभीर मरीजों को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के बीच किसी भी तरह का मतभेद हो, लेकिन आपातकालीन चिकित्सा सेवा हर परिस्थिति में निर्बाध रहनी चाहिए।

उन्होंने डीएमसीएच प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों और सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में चिकित्सा सेवा बाधित होने पर गंभीर मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई, इसका जवाब अस्पताल प्रशासन को देना चाहिए।

मरीजों की मौत की सूचना का हवाला देते हुए प्रियंका झा ने कहा कि यदि जांच में , इलाज में बाधा अथवा प्रशासनिक लापरवाही के कारण किसी मरीज की मौत की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच, दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई तथा मृत मरीजों के परिजनों को उचित मुआवजा और न्याय दिलाने की मांग की।

इसके बाद प्रियंका झा मरीजों और उनके परिजनों के साथ नाका नंबर-6 मुख्य मार्ग पर पहुंचीं, जहां आक्रोशित लोगों ने चिकित्सा व्यवस्था तत्काल सामान्य करने की मांग को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन सेवा निर्बाध रखने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रियंका झा ने कहा कि डीएमसीएच सिर्फ दरभंगा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर बिहार के करोड़ों लोगों की उम्मीद का केंद्र है। यहां इलाज के लिए आने वाले किसी भी मरीज की जान इलाज के अभाव में नहीं जानी चाहिए। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, मरीजों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।