बिना एनओसी लिए निजी जमीन पर जलमीनार निर्माण का आरोप, अंचलाधिकारी ने काम रुकवाया, जांच के बाद होगी कार्रवाई
बिना एनओसी लिए निजी जमीन पर जलमीनार निर्माण का आरोप, अंचलाधिकारी ने काम रुकवाया, जांच के बाद होगी कार्रवाई
बिना एनओसी लिए निजी जमीन पर जलमीनार निर्माण का आरोप, अंचलाधिकारी ने काम रुकवाया, जांच के बाद होगी कार्रवाई
दस्तक 7 मिडिया, घनश्यामपुर, दरभंगा।
किरतपुर अंचल के रसियारी (उत्तरवाई टोल) में निजी रैयती भूमि पर बिना एनओसी जलमीनार निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में रसियारी निवासी केदार मिश्र ने अंचलाधिकारी किरतपुर एवं घनश्यामपुर थानाध्यक्ष को आवेदन देकर निर्माण कार्य पर रोक लगाने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में केदार मिश्र ने बताया कि मौजा रसियारी स्थित खाता संख्या 539, खेसरा संख्या 5872 की 67 डिसमिल जमीन उनकी पैतृक एवं खतियानी रैयती भूमि है। आरोप है कि पीएचईडी
के कनीय अभियंता और स्थानीय व्यक्ति राजेंद्र कामती समेत अन्य लोगों की मिलीभगत से निजी निर्माण एजेंसी के माध्यम से जलमीनार निर्माण के लिए गड्ढा खोदने और निर्माण सामग्री गिराने का कार्य शुरू किया गया। आवेदक का दावा है कि निर्माण के लिए न तो भू-अर्जन प्रक्रिया अपनाई गई और न ही उनसे एनओसी अथवा लिखित सहमति ली गई। उन्होंने सटे खेसरा संख्या 5871 पर पूर्व से अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए भूमि विवाद बढ़ने की आशंका जताई है। साथ ही, विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है।आवेदक ने विवादित स्थल की संयुक्त जांच, सीमांकन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरोधात्मक कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में सीओ प्रशांत कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि बिना एनओसी जलमीनार का निर्माण कार्य किया जा रहा था। तत्काल राजस्व कर्मचारी को भेजकर जलमीनार का कार्य रुकवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि राजस्व कर्मचारी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।