नीमा में लगा दरभंगा का पहला पशु स्वास्थ्य शिविर, 600 से अधिक पशुओं की जांच,

251 पशुपालकों ने कराया पंजीकरण, निःशुल्क जांच के साथ बांटी गईं जरूरी दवाएं

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

किरतपुर प्रखंड के नीमा स्थित सामुदायिक भवन में मंगलवार को जिले का पहला पशु स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जीविका की ओर से आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने भाग लिया। कुल 251 पशुपालकों ने पंजीकरण कराया, जबकि 600 से अधिक पशुओं की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के बाद पशुपालकों को विभिन्न आवश्यक दवाएं भी मुफ्त उपलब्ध कराई गईं।

शिविर का उद्घाटन बीपीएम कृष्णदेव ठाकुर, संचार प्रबंधक राजा सागर, पशु चिकित्सक रोजी, कमला संकुल संघ की सचिव गीता देवी एवं कोषाध्यक्ष कुमोद देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य, बीमारी की पहचान और समय पर उपचार के महत्व की जानकारी दी गई।

बीपीएम कृष्णदेव ठाकुर ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पशुओं की संख्या अधिक है और पशु स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है, वहां ऐसे शिविरों के माध्यम से पशुपालकों को जांच और दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि शिविर में 251 पशुपालक दीदियों का पंजीकरण हुआ और 600 से अधिक पशुओं की जांच की गई।

शिविर में कृमिनाशक, सर्दी-बुखार, डायरिया, भूख बढ़ाने वाली दवा, मिनरल्स, हिमालय बतीसा और मल्टीविटामिन समेत कई प्रकार की औषधियां निःशुल्क वितरित की गईं।

संचार प्रबंधक राजा सागर ने कहा कि दरभंगा में कृषि के बाद पशुपालन ग्रामीण परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। पशुओं का बेहतर स्वास्थ्य सीधे तौर पर पशुपालक परिवारों की आय से जुड़ा है। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार से पशुओं की मृत्यु दर कम करने, बांझपन जैसी समस्याओं के समाधान और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि पशुओं की उत्पादकता बढ़ने से दूध, मांस और अन्य पशु उत्पादों के जरिए परिवारों की आय बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे शिविरों से विशेष रूप से महिला किसानों और छोटे पशुपालकों को लाभ मिलता है।

कमला संकुल संघ की दीदियों ने जीविका के इस प्रयास की सराहना करते हुए पंचायत के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह के पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग की। कार्यक्रम को सफल बनाने में जीविका कर्मियों एवं कैडरों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। शिविर में पहुंचे पशुपालक निःशुल्क जांच और दवा मिलने से उत्साहित नजर आए।