पॉक्सो जांच में लापरवाही और 25 हजार के लेन-देन का ऑडियो, दो पुलिसकर्मी निलंबित,

दो साल से लंबित गंभीर कांड में फरार आरोपियों पर वारंट-कुर्की की कार्रवाई नहीं कराने पर अनुसंधानक पर गिरी गाज, साइबर थाना के एएसआई पर ऑडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

दरभंगा पुलिस ने अनुसंधान में लापरवाही और पुलिसकर्मियों के आचरण से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। महिला थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक (पुअनि) संजीव कुमार रजक को गंभीर कांडों के अनुसंधान में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। वहीं, साइबर थाना में पदस्थापित तत्कालीन पीटीसी और वर्तमान सहायक अवर निरीक्षक अजय कुमार को एक वायरल ऑडियो में कथित तौर पर 25 हजार रुपये के लेन-देन की बातचीत सामने आने के बाद निलंबित किया गया है। दोनों का निलंबन मुख्यालय पुलिस केंद्र, दरभंगा निर्धारित किया गया है।

पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, अगस्त 2026 तक बलात्कार शीर्ष के लंबित कांडों की समीक्षा के दौरान महिला थाना में पदस्थापित संजीव कुमार रजक के जिम्मे रहे महिला थाना कांड संख्या 70/24, 56/25 और 24/26 के अनुसंधान में लापरवाही सामने आई। समीक्षा में पाया गया कि कांड लंबित रहने के बावजूद अनुसंधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

विशेष रूप से कांड संख्या 70/24 में नामजद फरार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं किए जाने का मामला गंभीर माना गया है। प्राथमिकी दर्ज होने के करीब दो वर्ष बाद भी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उनके खिलाफ न्यायालय से वारंट, इश्तेहार अथवा कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के लिए आवश्यक प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ाई गई थी। समीक्षा के दौरान इसे अनुसंधान में गंभीर लापरवाही माना गया। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर संजीव कुमार रजक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

वायरल ऑडियो में 25 हजार के लेन-देन की बात

दूसरी कार्रवाई साइबर थाना के सहायक अवर निरीक्षक अजय कुमार के खिलाफ हुई है। पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो क्लिप में साइबर थाना कांड संख्या 24/25 के अभियुक्त किशोर कुमार पासवान के परिजन से 25 हजार रुपये के लेन-देन को लेकर बातचीत की जा रही थी।

मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक रक्षित द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान वायरल ऑडियो में अजय कुमार की आवाज की पुष्टि की गई। इसके बाद उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट सौंपी गई।

अनुशंसा के आलोक में एसएसपी ने अजय कुमार को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें सामान्य जीवनयापन भत्ता देय होगा और उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, दरभंगा निर्धारित किया गया है।एक ही दिन दो कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप है। एसएसपी की कार्रवाई से यह संदेश गया है कि गंभीर मामलों के अनुसंधान में लापरवाही हो या पुलिसकर्मी के खिलाफ अनुशासनहीनता से जुड़े साक्ष्य सामने आएं, विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।