पुलिस अधिकारी बनकर गिरफ्तारी के नाम पर ऑनलाइन ठगी का प्रयास,दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र का मामला

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र के एक गांव से साइबर ठगी और पुलिस के नाम पर अवैध वसूली के प्रयास का एक बेहद संगीन मामला सामने आया है। भूमि विवाद में हुई मारपीट की घटना के बाद, पीड़ित परिवार को डरा-धमकाकर गिरफ्तारी करने के एवज में ऑनलाइन रुपये की मांग की गई है। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार भय और दहशत के साये में जीने को मजबूर है। मिली जानकारी के अनुसार, बिरौल थाना क्षेत्र के एक गांव में जमीन की नापी (पैमाइश) के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प और मारपीट हो गई थी। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने न्याय की गुहार लगाते हुए बिरौल थाना में लिखित आवेदन दिया। आरोप है कि आवेदन दिए जाने के बाद भी बिरौल पुलिस मामले की जांच करने या घटनास्थल पर पहुंचने में विफल रही।

खाकी के नाम पर साइबर अपराधियों का खेल- साइबर अपराधियों या असामाजिक तत्वों ने स्थिति का फायदा उठाया। पीड़ित परिवार के पास एक अज्ञात मोबाइल नंबर (8962819760) से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को बिरौल थाने का पुलिस पदाधिकारी बताया और कहा कि यदि दूसरे पक्ष की गिरफ्तारी करवानी है, तो तुरंत ऑनलाइन पेमेंट करना होगा। पैसा नहीं भेजने पर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी।”


अज्ञात फर्जी पुलिस वाले द्वारा रुपये की मांग किए जाने के बाद से पीड़ित परिवार अत्यंत डरा-सहमा हुआ है। उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद तो दूर, उल्टा ठगी और पुलिसिया कार्रवाई के नाम पर प्रताड़ना का डर सता रहा है।

दस्तक 7 मिडिया जनहित में सावधान और सतर्क रहने को कहती है, चूंकि पुलिस कभी ऑनलाइन पैसे नहीं मांगती। बिहार पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी या एफआईआर की कार्रवाई के लिए ऑनलाइन रुपये (जैसे PhonePe, Google Pay, या Paytm) की मांग कभी नहीं करती है।

यदि इस प्रकार के मोबाइल नंबर

(8962819760) या किसी अन्य नंबर से पुलिस के नाम पर पैसे की मांग की जाती है, तो घबराएं नहीं। तुरंत निकटतम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी या राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।