ड्रग्स के हॉटस्पॉट पर कसेगा शिकंजा, 500 मीटर दायरे में सख्ती,डीएम की अध्यक्षता में एनसीओआरडी समिति की बैठक, होटल-लॉज से लेकर दवा दुकानों तक निगरानी के निर्देश

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

जिले में नशीले पदार्थों की आपूर्ति और अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी गई है। जिला स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) समिति की बैठक में प्रशासन और पुलिस ने ड्रग्स के हॉटस्पॉट चिह्नित कर वहां लगातार निगरानी और छापेमारी का निर्णय लिया। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को ड्रग्स मुक्त क्षेत्र के रूप में सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया।

डीएम की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में हुई बैठक में नशा उन्मूलन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सहायक औषधि नियंत्रक और सभी औषधि निरीक्षकों को लगातार दवा दुकानों का निरीक्षण करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने औषधि निरीक्षकों को मद्यनिषेध विभाग और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर आवश्यकता के अनुसार संयुक्त छापेमारी करने को कहा।

हॉटस्पॉट पर लगातार निगरानी

वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने नगर थाना, विश्वविद्यालय थाना, सदर, बहेड़ा, लहेरियासराय, बहादुरपुर, कोतवाली, बिशनपुर और बिरौल थाना क्षेत्रों में पूर्व से चिन्हित हॉटस्पॉट पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। संबंधित थानाध्यक्षों को लगातार छापेमारी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया।

होटल-लॉज और परिवहन केंद्र भी रडार पर
ड्रग्स की आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए होटल, लॉज, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन समेत प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। एनएच किनारे स्थित होटलों और लॉज की भी जांच करने को कहा गया। अधिकारियों को जिला स्तरीय रोडमैप के तहत ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया गया।

दवा दुकानों से जुटेगी खुफिया सूचना

डीएम ने औषधि निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में आसूचना तंत्र मजबूत करने का निर्देश दिया। नशीली टैबलेट, कफ सिरप समेत अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री और आपूर्ति से संबंधित जानकारी आम लोगों और लाइसेंसधारी दवा दुकानदारों से जुटाने को कहा गया। अधिकारियों को क्षेत्र में स्वयं भ्रमण कर दवा दुकानों की औचक जांच और सूचना के आधार पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

इसके अलावा दवा दुकानों की जांच और छापेमारी में जीएसटी अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई करने को भी कहा गया, ताकि नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री के साथ-साथ उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच हो सके।

बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। कुछ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।