जेल में मौत पर प्रदर्शन की तैयारी, प्रशासन ने कसा शिकंजा,

21 सितंबर को सरकारी दफ्तरों के सामने भीड़ जुटाने की चेतावनी का हवाला; जनसुराज से जुड़े आनन्द झा को एसडीएम का नोटिस

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

मंडल कारा रामपट्टी में बंद रौशन यादव की मौत के मामले को लेकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ कथित तौर पर प्रदर्शन की तैयारी और भीड़ जुटाने की चेतावनी के बीच प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। सदर एसडीएम न्यायालय ने जनसुराज से जुड़े आनन्द कुमार झा उर्फ आदित्य झा के विरुद्ध धारा 126 भा.ना.सु.सं. के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करते हुए कारण-पृच्छा नोटिस जारी किया है।

खजौली थानाध्यक्ष के 15 सितंबर के पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर जारी नोटिस में कहा गया है कि रौशन यादव की जेल में हुई मौत को लेकर पुलिस एवं जिला प्रशासन पर विभिन्न आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, 21 सितंबर को मधुबनी में सरकारी कार्यालयों तथा पुलिस-प्रशासन के कार्यालयों के सामने भीड़ जुटाकर उपद्रव करने की धमकी दिए जाने की सूचना है।

शांति भंग की आशंका, पुलिस रिपोर्ट पर कार्रवाई

पुलिस ने अपने प्रतिवेदन में आशंका जताई है कि प्रस्तावित गतिविधियों से जिले में विधि-व्यवस्था की प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न हो सकती है और शांति भंग हो सकती है। इसी आधार पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की आवश्यकता बताई गई है।

नोटिस में दर्ज पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक रौशन यादव रहिका थाना कांड संख्या 147/2026 में आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत नामजद अभियुक्त था। गिरफ्तारी के बाद उसे 3 जून को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। मंडल कारा रामपट्टी में 10 अगस्त को उसकी आत्महत्या से मौत हो गई थी।

2.50 लाख का मुचलका, दो जमानतदार भी

एसडीएम ने पुलिस प्रतिवेदन से संतुष्ट होने के बाद आनन्द कुमार झा उर्फ आदित्य झा को 17 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब देने का आदेश दिया है। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि एक वर्ष तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2.50 लाख रुपये की राशि और समान राशि के दो जमानतदारों का मुचलका बंध-पत्र क्यों नहीं लिया जाए।

नोटिस के बाद 21 सितंबर को प्रस्तावित गतिविधियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बढ़ने के संकेत हैं।