21 दिन की छुट्टी पर बिहार के DGP विनय कुमार, प्रीता वर्मा के हाथों में पुलिस मुख्यालय की कमान, 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अवकाश पर रहेंगे डीजीपी, 1991 बैच की IPS अधिकारी को मिला अतिरिक्त प्रभार
21 दिन की छुट्टी पर बिहार के DGP विनय कुमार, प्रीता वर्मा के हाथों में पुलिस मुख्यालय की कमान, 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अवकाश पर रहेंगे डीजीपी, 1991 बैच की IPS अधिकारी को मिला अतिरिक्त प्रभार
21 दिन की छुट्टी पर बिहार के DGP विनय कुमार, प्रीता वर्मा के हाथों में पुलिस मुख्यालय की कमान,
15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अवकाश पर रहेंगे डीजीपी, 1991 बैच की IPS अधिकारी को मिला अतिरिक्त प्रभार
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार 21 दिनों के अवकाश पर चले गए हैं। उनके अवकाश पर जाने के बाद अब इस अवधि में बिहार पुलिस की कमान वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा संभालेंगी। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार विनय कुमार का अवकाश 15 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक स्वीकृत किया गया है। उनकी गैरमौजूदगी में प्रीता वर्मा को डीजीपी पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
विनय कुमार के अचानक 21 दिनों के अवकाश पर जाने की खबर सामने आने के बाद पुलिस महकमे से लेकर प्रशासनिक गलियारे तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उनके अवकाश को निजी एवं स्वास्थ्य संबंधी कारणों से स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई है। ऐसे में छुट्टी को लेकर सामने आ रही विभिन्न चर्चाओं और कयासों पर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
1991 बैच की वरिष्ठ IPS हैं प्रीता वर्मा
विनय कुमार की अनुपस्थिति में डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार संभालने वाली प्रीता वर्मा भी 1991 बैच की वरिष्ठ बिहार कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। वह वर्तमान में गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं की महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा के पद पर कार्यरत हैं। अब वह अपने मौजूदा दायित्व के साथ बिहार पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगी।
पुलिस मुख्यालय के महत्वपूर्ण कामकाज की जिम्मेदारी
अवकाश की अवधि में प्रीता वर्मा पुलिस मुख्यालय से जुड़े डीजीपी पद के प्रमुख दायित्वों का निर्वहन करेंगी। विनय कुमार के वापस लौटने के साथ ही उनका अतिरिक्त प्रभार समाप्त हो जाएगा।
डीजीपी के 21 दिनों के अवकाश की timing भी इसलिए चर्चा में है क्योंकि विनय कुमार का कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होना है। हालांकि, उनके अवकाश के कारणों को लेकर आधिकारिक रूप से किसी अन्य वजह की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल विभागीय स्तर पर सामने आई जानकारी यही है कि अवकाश स्वीकृत प्रक्रिया के तहत लिया गया है।
इधर, डीजीपी की गैरमौजूदगी में राज्य पुलिस की कमान वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी के हाथों में आने से पुलिस मुख्यालय में अगले 21 दिनों के कामकाज और फैसलों पर भी सबकी नजर रहेगी।