300 दिन से लंबित कांडों के निष्पादन में लाएं तेजी, CCTNS पर हर प्रविष्टि हो अपडेट : एसएसपी

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

वरीय पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को अपने कार्यालय के सभा कक्ष में जिले के सभी थानों के पीसी प्रभारी सह आईटी प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में वारंट, समन, कुर्की, इश्तिहार, कांड दैनिकी के 300 दिन से अधिक लंबित मामलों तथा माननीय न्यायालय और जेजेबी में लंबित एसबीआर व चार्जशीट की स्थिति की समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान एससी/एसटी थाना, घनश्यामपुर, बहादुरपुर, बहेड़ा, बहेड़ी, कमतौल, केवटी, सिंहवाड़ा, सिमरी और नगर थाना में एसबीआर लंबित पाए जाने पर संबंधित सीडब्ल्यूपीओ/आईटी प्रभारियों से पृच्छा की गई। विश्वविद्यालय, विशनपुर, वाजितपुर, फेकला, नेहरा और अलीनगर थाना के आईटी प्रभारी एवं सीडब्ल्यूपीओ को एक-एक सेवांक दिया गया। बिरौल थाना के पूर्व पीसी प्रभारी को वारंट-समन पंजी अद्यतन नहीं रखने के मामले में एक निंदन की सजा दी गई।

एसएसपी ने पीएसएम पोर्टल पर सभी प्रकार की प्रविष्टियां प्रतिदिन करने और लंबित प्रविष्टियों को तत्काल अपडेट करने का निर्देश दिया। विश्वविद्यालय, नगर, कोतवाली और सदर थाना के आईटी सह पीसी प्रभारी से पीएसएम पोर्टल पर मालखाना प्रविष्टियां अद्यतन नहीं रहने के कारण स्पष्टीकरण भी मांगा गया।

बैठक में BW, NBW, BW/DW, इश्तिहार, कुर्की और सम्मन से संबंधित कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। 300 दिनों से अधिक लंबित सभी कांडों का ससमय निष्पादन, राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित मामलों की प्रभावी कार्रवाई तथा स्टेशन डायरी, प्राथमिकी रिपोर्ट एवं अन्य दस्तावेजों की CCTNS में वास्तविक समय पर एंट्री सुनिश्चित करने को कहा गया।

एसएसपी ने ई-साक्ष्य ऐप पर कांड से संबंधित महत्वपूर्ण वीडियो और फोटो नियमानुसार अपलोड करने, पुराने कांडों की केस डायरी को वर्षवार CCTNS में अपलोड करने तथा ई-समन की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया।

इसके अलावा प्रत्येक दर्ज प्राथमिकी और गिरफ्तारी मेमो को 24 घंटे के भीतर SCRB पोर्टल पर अपलोड करने, CriMAC के माध्यम से जीरो एफआईआर को संबंधित दूसरे राज्य में भेजने तथा आरोप पत्र/अंतिम प्रपत्र को CCTNS में अपलोड करने का निर्देश दिया गया। गुमशुदा व्यक्तियों से संबंधित प्रविष्टियों को अद्यतन रखने और CriMAC/ICJS में प्रतिदिन लॉगिन कर आवश्यक सर्च करने को भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया।