5500 एएसआई बने दारोगा, बिहार पुलिस मुख्यालय ने दिया कार्यकारी प्रभार ,

वेतनस्तर-6 के साथ मिलेगा उच्चतर पद का आर्थिक लाभ, वर्तमान जिला/इकाई में ही करेंगे काम

दस्तक 7मीडिया /

बिहार पुलिस मुख्यालय ने सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) से पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) के उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार देने का बड़ा फैसला लिया है। वरीयता-सह-योग्यता के आधार पर कुल 5500 एएसआई को एसआई का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया गया है। पुलिस मुख्यालय के कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग की ओर से इस संबंध में 14 सितंबर को आदेश जारी किया गया।

आदेश के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना में निर्धारित अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत एक सितंबर 2026 एवं उसके बाद केंद्रीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक आयोजित की गई थी। उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर योग्य पाए गए 5500 एएसआई को पुलिस अवर निरीक्षक के उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार और वेतनस्तर-6 दिया गया है। योग्य पदाधिकारियों की सूची परिशिष्ट-क में तथा विभिन्न कारणों से अयोग्य या विचारण की परिधि से बाहर रखे गए पदाधिकारियों की सूची परिशिष्ट-ख में जारी की गई है।

मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि कार्यकारी प्रभार पाने वाले पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से उच्चतर पद का आर्थिक लाभ मिलेगा। हालांकि, संबंधित पदाधिकारी अगले आदेश तक अपने वर्तमान जिला, इकाई या वाहिनी में ही कार्यरत रहेंगे।

शपथ-पत्र के बाद ही मिलेगा प्रभार का लाभ

कार्यकारी प्रभार के क्रियान्वयन से पहले संबंधित कार्यालय प्रधान को सभी पदाधिकारियों से न्यायिक शपथ-पत्र लेना होगा। इसमें यह प्रमाणित करना होगा कि उनके विरुद्ध कोई विभागीय कार्रवाई लंबित नहीं है, कोई दंडादेश प्रभावी नहीं है तथा निगरानी, आचारविल, फौजदारी या अन्य न्यायिक मामला लंबित नहीं है। इसके अलावा हिन्दी टिप्पण-प्रारूपण, बुनियादी परीक्षा और पीटीसी परीक्षा समेत सभी आवश्यक विभागीय परीक्षाएं उत्तीर्ण करने की पुष्टि भी करनी होगी।

मुख्यालय ने कहा है कि यदि किसी पदाधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई, निलंबन, सजा अथवा निगरानी/फौजदारी मामला विचाराधीन पाया जाता है तो उसे कार्यकारी प्रभार देय नहीं होगा। ऐसी स्थिति में संबंधित इकाई को तत्काल पुलिस मुख्यालय को सूचना देनी होगी।

आदेश में यह भी कहा गया है कि क्षेत्रीय चयन/स्क्रीनिंग पर्षद से प्राप्त मनोनयन के आधार पर आदेश जारी हुआ है। इसलिए क्षेत्रादेश या जिलादेश जारी करने से पहले संबंधित पदाधिकारियों की सेवापुस्तिका और वर्तमान स्थिति का पुनः मिलान एवं सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। स्थानांतरण हो चुके पदाधिकारियों का क्षेत्रादेश उनके नए जिला या इकाई से जारी होगा।