आपदा में उजड़ा घर, सरकार बनी सहारा; पीड़ित को मिला 4 लाख का संबल :पौड़ी गांव में विधायक विनय चौधरी ने सौंपा राहत चेक, बोले- आपदा पीड़ितों का सरकारी खजाने पर पहला हक

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

पानी में डूबकर हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ऐसे मुश्किल वक्त में सरकार पीड़ित परिवार के लिए सहारा बनी। सोमवार को पौड़ी गांव पहुंचे स्थानीय विधायक सह बिहार विधानसभा में एनडीए के सचेतक प्रो. विनय कुमार चौधरी ने मृतक के परिजन मनोज कुमार को चार लाख रुपये की राहत राशि का चेक सौंपा।

इस मौके पर विधायक ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा से बढ़कर दुनिया में कोई धर्म नहीं है। बिहार की एनडीए सरकार आपदा पीड़ितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि सरकारी खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला अधिकार है। इसी के तहत पानी में डूबने से हुई मौत के मामले में पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।

विधायक ने मनोज कुमार से कहा कि सरकार ने विपरीत परिस्थिति में परिवार को संबल देने के लिए यह राशि उपलब्ध कराई है। इसका समुचित उपयोग बच्चों की शिक्षा, परिवार की जरूरतों और अन्य जरूरी कार्यों में करें, ताकि यह सहायता भविष्य में परिवार के लिए मजबूत सहारा बन सके।

उन्होंने कहा कि राहत राशि के भुगतान में किसी बिचौलिए की कोई भूमिका नहीं है। सरकार सीधे पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दे रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि राहत राशि दिलाने के नाम पर यदि कोई बिचौलिया एक रुपये की भी मांग करता है तो उसे पैसे नहीं दें।

प्रो. चौधरी ने कहा कि आपदा के समय सरकार पूरी तत्परता से आम लोगों के साथ खड़ी रहती है। किसानों को कृषि क्षति का मुआवजा हो या बाढ़ और अन्य आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई, सरकार हर परिस्थिति में पीड़ितों तक त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आगे भी सरकार हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी रहेगी।

मौके पर प्रखंड प्रमुख चौधरी मुकुंद राय, अंचलाधिकारी राजीव जी, नाजिर राहुल कुमार, रजनीश सुंदरम, राजू चौधरी, मनोज कामती, बौकू कामती, मुकेश कुमार ठाकुर सहित अन्य मौजूद रहे।