आपसी विवाद समाज के लिये अभिशाप ,लोक अदालत में 4360 मामलों का निष्पादन, 10.38 करोड़ रुपये का सेटलमेंट

विधि संवाददाता, दरभंगा।

आपसी बिवाद सभ्य समाज के लिए अभिशाप है।वहीं समझौता सबके लिए सुखदायी है।इसके तहत मामलों का सुलभ व त्वरित निष्पादन के लिए लोक अदालत सर्वसुलभ साधन है।आपस में समझौता से मन की कटूता मिट जाती है।पक्षकारों के लिए लोक अदालत एक अवसर है ।जिसका लाभ उठाकर लोग अपने समय,धन और ऊर्जा को बचा सकते हैं।उक्त बातें शनिवार को न्यायालय प्रांगण में आयोजित साल के तिसरे राष्ट्रीय लोक अदालत को संबोधित करते हुए प्रभारी जिलाजज संतोष कुमार पाण्डेय ने कही।
डीएम सह प्राधिकार के उपाध्यक्ष कौशल कुमार ने कहा कि लोक अदालत पक्षकारों के शांति का मार्ग प्रशस्त करता है।यह आपको अपने मामले को खूद समाप्त कराने का कानूनी अधिकार देता है।जरुरत इस बात की है कि जिला के लोग इसका लाभ उठावें, मिल जुल कर समाज में रहें,और अपनी ऊर्जा को विकास कार्यों में लगावें।एस एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने कहा कि ऋण का बोझ आदमी को कुंठित कर देता है।लोक अदालत ऋणमुक्ति का यह सुअवसर प्रदान करता है।इसके कई महत्त्वपूर्ण लाभ है।यहां लोगों के बहुमूल्य समय के साथ-साथ धन की बचत होती है।जिससे समाज और राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।सचिव आरती कुमारी ने कहा कि यह आपकी अपनी अदालत हैं।इसमें छिपे मर्म को समझे।लोग आवें और अपना मुकदमा समाप्त करा समाज में शांति का पैगाम दें।मौके पर अध्यक्ष चन्द्रधर मल्लिक,महासचिव कृष्ण कुमार मिश्रा,परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्रमोद कुमार पंकज,एडीजे भूपेंद्र सिंह, नवीन कुमार ठाकुर, एसीजेएम कुमार रितेश,अंकिता जायसवाल, एसडीजेएम सत्यम समेत न्यायिक पदाधिकारियों ने लोक अदालत को सफल बनाने की अपील किया।

कूल 22 खंडपीठ।
अलग-अलग किस्म के मामलों का निष्पादन के लिए न्यायिक पदाधिकारियों की अध्यक्षता में कूल 22 खंडपीठों का गठन किया गया।
बिछूड़े दंपती मिले।
लोक अदालत में तलाकवाद, भरणपोषण वाद,
क्षतिपूर्ति दावावाद,क्लेम समेत 44 वर्षों से एसडीजेएम कोर्ट में चल रहे अति पुराने आपराधिक मामलों को सत्यम की बेंच ने निष्पादित किया।वही बेंच सं.10 के पीठासीन पदाधिकारी कुमार रितेश ने 30 वर्ष पुराने विश्वविद्यालय थानाकांड सं.106/96 का विचारणवाद में पक्षकारों की सहमति से कैदराबाद निवासी नवीन खट्टिक और रामबाबू साह को मुकदमा से निजात दिलाया।इसके अतिरिक्त छोटे-छोटे ट्रैफिक चालान के सैकड़ों मामलों का निष्पादन कर लोक अदालत के मर्म को चरितार्थ किया गया।
निष्पादन।
लोक अदालत में कूल 4360 मामलों का निष्पादन किया गया।वहीं उत्पाद, क्लेम ,लेबर,वन अधिनियम, एमभी ऐक्ट समेत बिभिन्न बैंकों के बैंक ऋण,टेलीफोन, बिजली आदि से संबंधित मामलों में समाचार प्रेशन तक 10करोड़ 38 लाख 75 हजार 332 रुपये का सेटलमेंट किया गया। वहीं ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों का निष्पादन एवं गणना जारी है।
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लोक अदालत का उदघाटन करते प्रभारी जिलाजज संतोष कुमार पाण्डेय, डीएम कौशल कुमार, एस एसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी, प्रधान न्यायाधीश प्रमोद कुमार पंकज, एडीजे भुपेंद्र सिंह,नवीन कुमार ठाकुर,सीजेएम जूनैद आलम,बार एसोसिएशन का महासचिव कृष्ण कुमार मिश्रा,अध्यक्ष चन्द्रधर मल्लिक,सचिव आरती कुमारी ,मौजूद न्यायिक पदाधिकारी एवं अन्य