राष्ट्रीय लोक अदालत में 1500 ट्रैफिक चालानों का निपटारा, 30 बेंचों पर हुई मामलों की सुनवाई

दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा 

बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार संतोष कुमार पांडेय, जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रड्डी जला रड्डी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

उद्घाटन समारोह में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति और सुलह के आधार पर विवादों का त्वरित एवं सुलभ समाधान कराना है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होने के साथ आम लोगों को शीघ्र न्याय मिलता है।

डीएम कौशल कुमार और एसएसपी ने भी लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जिलेवासियों से अधिकाधिक संख्या में इसका लाभ उठाने की अपील की।

लोक अदालत के सफल संचालन के लिए जिले में कुल 30 बेंचों का गठन किया गया। इनमें व्यवहार न्यायालय दरभंगा में 22, बेनीपुर में चार और बिरौल में चार बेंच शामिल रहे। इन बेंचों पर शमनीय आपराधिक मामलों, एनआई एक्ट की धारा 138, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम विवाद, बिजली-पानी बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, सेवा संबंधी मामले, राजस्व एवं अन्य दीवानी विवादों की सुनवाई की गई।

वहीं, लंबित ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए व्यवहार न्यायालय परिसर, पोलो मैदान और लहेरियासराय के समीप विशेष व्यवस्था की गई थी। प्रेक्षागृह के पास बनाए गए विशेष शिविर में कई काउंटर लगाए गए। जिला परिवहन पदाधिकारी के अनुसार, अब तक करीब 1500 ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया जा चुका था और काउंटरों पर प्रक्रिया जारी थी।

उद्घाटन के बाद प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण किया और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने का निर्देश दिया। तीनों न्यायालयों में न्यायिक अधिकारियों की देखरेख में लोक अदालत का संचालन शांतिपूर्ण तरीके से हुआ।

जिला प्रशासन एवं विधिक सेवा प्राधिकार ने नागरिकों से अपील की कि वे आपसी सहमति से विवादों का समाधान कराने के लिए लोक अदालत का लाभ उठाएं। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, जिला स्तरीय अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।