आपदा से निपटने के लिए तैयार होंगे BMP-13 के 70 जवान, SDRF ने सिखाए बचाव के गुर , CPR से लेकर सर्पदंश और बाढ़ में रेस्क्यू तक का दिया प्रशिक्षण, आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने पर जोर
आपदा से निपटने के लिए तैयार होंगे BMP-13 के 70 जवान, SDRF ने सिखाए बचाव के गुर , CPR से लेकर सर्पदंश और बाढ़ में रेस्क्यू तक का दिया प्रशिक्षण, आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने पर जोर
आपदा से निपटने के लिए तैयार होंगे BMP-13 के 70 जवान, SDRF ने सिखाए बचाव के गुर ,
CPR से लेकर सर्पदंश और बाढ़ में रेस्क्यू तक का दिया प्रशिक्षण, आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने पर जोर
दस्तक 7मीडिया / दरभंगा
आपदा या आपातकाल की स्थिति में जान बचाने के लिए महज साहस ही नहीं, बल्कि सही तकनीक और त्वरित निर्णय भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से दरभंगा में SDRF दल ने BMP-13 के 70 प्रशिक्षुओं को आपदा प्रबंधन एवं बचाव तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में जवानों को प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के दौरान राहत-बचाव कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान SDRF विशेषज्ञों ने प्रशिक्षुओं को प्राथमिक उपचार, प्री-हॉस्पिटल ट्रीटमेंट (PHT), CPR और रक्तस्राव रोकने की तकनीकें सिखाईं। इसके अलावा सर्पदंश की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और तत्काल उठाए जाने वाले कदमों की भी जानकारी दी गई।
जवानों को आंधी-तूफान, वज्रपात, बाढ़ और भूकंप जैसी आपदाओं के दौरान सुरक्षित रहने और दूसरों को सुरक्षित निकालने की तकनीकों का भी अभ्यास कराया गया। SDRF टीम ने कई बचाव तकनीकों का मौके पर प्रदर्शन कर प्रशिक्षुओं को आपदा के समय प्रभावी ढंग से कार्रवाई करने के लिए तैयार किया।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि आपदा की स्थिति में घबराहट के बजाय संयम बनाए रखना बेहद जरूरी है। उपलब्ध संसाधनों का सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल तथा सही समय पर लिया गया निर्णय कई लोगों की जान बचा सकता है। प्रशिक्षुओं को अलग-अलग आपदाओं के दौरान क्या करें और क्या न करें की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षुओं को स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ संकट में फंसे लोगों की मदद, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित निकासी और राहत-बचाव की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसे जवान तैयार करना है, जो आपदा के समय केवल प्रतिक्रिया देने के बजाय तत्परता के साथ राहत और बचाव अभियान का नेतृत्व कर सकें।
SDRF विशेषज्ञों ने बताया कि आपदा प्रबंधन में नियमित प्रशिक्षण और जागरूकता से जनहानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे प्रशिक्षण से जवानों में आत्मविश्वास, तत्परता और संकट की घड़ी में प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।
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