पांडुलिपियों की विरासत को डिजिटल संरक्षण, निर्माण कार्यों में तेजी का निर्देश ,

डीएम कौशल कुमार ने मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान का किया निरीक्षण

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने शुक्रवार को मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में संरक्षित ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन की तैयारियों का जायजा लिया और मशीन के इंस्टॉलेशन कार्य की जानकारी ली।

डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि संस्थान में उपलब्ध पांडुलिपियों का सुव्यवस्थित, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता के साथ डिजिटाइजेशन कराया जाए। उन्होंने कहा कि पांडुलिपियां मिथिला की समृद्ध ज्ञान परंपरा, संस्कृति और इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं। इसलिए डिजिटाइजेशन के दौरान उनके मूल स्वरूप और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने पूरी प्रक्रिया तकनीकी दक्षता और विशेष सावधानी के साथ पूरा करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने संस्थान परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने बालक छात्रावास, प्रशासनिक भवन, गेस्ट हाउस समेत अन्य निर्माणाधीन आधारभूत संरचनाओं का स्थल निरीक्षण कर उनकी वर्तमान प्रगति की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने कहा कि संस्थान में विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाएं उसकी शैक्षणिक एवं शोध संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोगी और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समयबद्धता पर भी जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर, शोध संस्थान के निदेशक तथा संबंधित अभियंतागण मौजूद रहे।