डीएमसीएच में जूनियर डॉक्टर पर बेल्ट से हमला, तीन घंटे ठप रही चिकित्सा व्यवस्था,

इमरजेंसी-ओपीडी में काम बंद, मरीज रहे परेशान; सुरक्षा का आश्वासन मिलने पर शाम 6:10 बजे लौटे डॉक्टर

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

डीएमसीएच के मेडिसिन विभाग में गुरुवार को इलाज में बाधा डालने पर फटकार लगाए जाने से नाराज मरीज के परिजन ने पीजी डॉक्टर आशुतोष कुमार पर बेल्ट से हमला कर दिया। हमले में डॉक्टर के सिर में गंभीर चोट लगी और खून बहने लगा। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

सहकर्मी पर हमले से आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों ने विरोध में अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था करीब तीन घंटे तक ठप कर दी। इमरजेंसी और ओपीडी में काम बंद रहने से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी हुई। इनडोर में भर्ती मरीज भी चिकित्सकीय सेवा के लिए इंतजार करते रहे।

जूनियर डॉक्टरों को काम पर लौटाने के लिए अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र, उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा समेत अन्य वरीय अधिकारी इमरजेंसी पहुंचे। जेडीए ने डॉक्टरों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही काम शुरू करने की बात कही। इस दौरान उनकी डीएम कौशल कुमार से भी बात कराई गई। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम का आश्वासन मिलने के बाद शाम 6:10 बजे जूनियर डॉक्टर काम पर लौटे।

सुबह भी आधे घंटे बंद रही थी इमरजेंसी

घटना के बाद आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने सुबह करीब आधे घंटे तक इमरजेंसी सेवा बंद कर दी थी। प्राचार्य, अधीक्षक और अन्य वरीय चिकित्सकों के समझाने पर सेवा बहाल हुई। हालांकि दोपहर करीब 3:30 बजे डॉक्टरों ने दोबारा काम बंद कर दिया।

नर्स से विवाद के बाद डॉक्टर ने लगाई थी फटकार

बताया जाता है कि मेडिसिन विभाग की डॉ. केके झा की यूनिट में बहेड़ी थाना क्षेत्र के चक्का जोरजा निवासी 66 वर्षीय पलटू लाल देव भर्ती हैं। सुबह राउंड के दौरान नर्सिंग स्टाफ मरीजों को डॉक्टर के परामर्श के अनुसार दवा और इंजेक्शन दे रहा था। इसी दौरान मरीज के एक परिजन ने नर्स पर पहले इंजेक्शन देने का दबाव बनाया। क्रम के अनुसार दवा देने की बात पर वह नर्स से उलझ गया और कथित तौर पर अपशब्द कहने लगा।

नर्स की शिकायत पर चिकित्सकों ने परिजन को समझाया, जिसके बाद वह शांत हो गया। कुछ देर बाद फिर विवाद होने पर राउंड कर रहे पीजी डॉक्टर आशुतोष कुमार ने इलाज में बाधा डालने को लेकर उसे फटकार लगाई। राउंड खत्म होने के बाद डॉक्टर वार्ड से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान कॉरिडोर में पीछे से आए युवक ने बेल्ट से उनके सिर पर हमला कर दिया और फरार हो गया।

घटना के बाद मेडिसिन समेत विभिन्न विभागों के जूनियर डॉक्टरों में आक्रोश फैल गया। इमरजेंसी के रजिस्ट्रेशन काउंटर को भी बंद करा दिया गया। सूचना मिलने पर प्राचार्य डॉ. यूसी झा, अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र, उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा समेत अन्य वरीय चिकित्सक मौके पर पहुंचे। अस्पताल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कार्रवाई का भरोसा दिया।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

जेडीए अध्यक्ष डॉ. कुणाल ने बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए होमगार्ड जवानों की तैनाती, महिला सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति, खराब सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत तथा मरीज के साथ अधिकतम दो परिजनों को ही अस्पताल में प्रवेश देने की मांग की गई है। अस्पताल प्रशासन ने इन मांगों पर सहमति जताई है। इसके बाद आंदोलन वापस लेकर जूनियर डॉक्टरों ने काम शुरू कर दिया।