दरभंगा में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण की कवायद तेज, डीएम कौशल कुमार ने खुद संभाला मोर्चा, बिरौल के डुमरी में अधिकारियों के साथ किया ग्राउंड निरीक्षण

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

दरभंगा जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और क्षेत्रवासियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का तोहफा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बिरौल प्रखंड की डुमरी पंचायत का तूफानी दौरा किया। इस दौरे का मुख्य मकसद केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए सबसे उपयुक्त और मानक के अनुरूप भूमि का चयन करना है।
स्थल निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ मैदान में उतरकर प्रस्तावित भूमि की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध रकबा, पहुंच मार्ग और आसपास की अन्य बुनियादी सुविधाओं का गहराई से मुआयना किया। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय संगठन के सभी मानकों पर भूमि की उपयुक्तता को परखा ताकि निर्माण कार्य में आगे चलकर कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा न आए। निरीक्षण के दौरान डीएम कौशल कुमार ने संबंधित अधिकारियों से भूमि अभिलेख भूमि की प्रकृति, मालिकाना हक और रकबे की सही स्थिति की विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और त्वरित गति से पूरा किया जाए। प्रशासनिक गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। मौके पर सहायक समाहर्ता सुश्री कल्पना रावत, एसडीओ शशांक राज, डीसीएलआर श्री मती मयंक सिंह,अंचल अधिकारी कुमारी सरीता रानी, गौड़ा बौराम प्रखंड के शिक्षा पदाधिकारी सुजीत कुमार,राजस्व कर्मचारी और अमीन उपस्थित थे।
बिरौल क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से न केवल स्थानीय छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा का अवसर मिलेगा, बल्कि यह कदम संपूर्ण अनुमंडल के शैक्षणिक और सामाजिक विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।