सकरी-हसनपुर रेल परियोजना,पुराने स्वीकृत रूट से ही निर्माण कराने को लेकर विधायक अतिरेक कुमार ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र।

सकरी-हसनपुर रेल लाइन,तीन साल बाद भी अधूरा सपना, आखिर कब पटरियों पर दौड़ेगी लंबी दूरी की ट्रेनें?(खबर का असर),

दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।


78-कुशेश्वरस्थान (दरभंगा) विधानसभा क्षेत्र के विधायक अतिरेक कुमार ने सकरी-हसनपुर भाया कुशेश्वरस्थान रेल परियोजना के निर्माण कार्य को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भेंट कर पत्र सौंपा है। विधायक ने मांग की है कि इस ऐतिहासिक रेल परियोजना को किसी नए रूट पर ले जाने के बजाय, पूर्व से स्वीकृत एवं शिलान्यासित मूल रूट पर ही जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।


विधायक अतिरेक कुमार के अनुसार, यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। इसकी शुरुआत वर्ष 1972 में तत्कालीन रेल मंत्री स्वर्गीय ललित नारायण मिश्र के कार्यकाल में स्वीकृत हुई थी और 1974 में कार्य शुरू हुआ था। बाद में वर्ष 1996 में स्वर्गीय राम विलास पासवान ने हसनपुर,बिथान, कुशेश्वरस्थान और बिरौल में स्टेशन निर्माण के साथ इसका पुनः शिलान्यास किया था। इसके पश्चात वर्ष 1998 में तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में पर्याप्त बजटीय आवंटन मिला।
वर्ष 2008 में सकरी से बिरौल तक रेल परिचालन शुरू हुआ और वर्ष 2018 में इसका विस्तार हरिनगर तक किया गया। वर्तमान में हरिनगर से कुशेश्वरस्थान और बिथान के बीच लगभग 18 किलोमीटर का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, हालांकि इस मूल रूट पर लगभग 85 प्रतिशत काम पहले ही पूरा हो चुका है। विधायक ने पत्र में उल्लेख किया है कि अब जानकारी मिल रही है कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले ‘कुशेश्वरस्थान धाम स्टेशन’ को छोड़कर इस परियोजना को एक नए रूट से बनाने की स्वीकृति दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय स्थानीय निवासियों के हित में नहीं है।
वर्ष 2006 में पक्षी बिहार को लेकर वन विभाग/डीएफओ द्वारा जताई गई आपत्ति अब समाप्त हो चुकी है, क्योंकि क्षेत्र में बाढ़ की वैसी समस्या नहीं रही और साइबेरियन पक्षियों का आगमन भी नगण्य हो चुका है। सरकार पर अनावश्यक आर्थिक बोझ रोकने और किसानों की उपजाऊ जमीन को बर्बाद होने से बचाने के लिए नए प्रस्तावित रूट को तत्काल निरस्त किया जाए। पूर्व में शिलान्यासित तथा 85 प्रतिशत निर्मित हरिनगर-कुशेश्वरस्थान धाम-बिथान वाले मूल रूट पर ही निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए।
विधायक ने कहा कि यह रेल लाइन मिथिलांचल के लाखों लोगों के लिए जीवनरेखा के समान है और बाबा कुशेश्वरनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस पर शीघ्र सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने की अपील की है।

बता दें कि दस्तक 7 मिडिया ने एक दिन पूर्व यानी 09 सितंबर 2026 को इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित कर जनप्रतिनिधि और विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है।सकरी-हसनपुर रेल लाइन, तीन साल बाद भी अधूरा सपना, आखिर कब पटरियों पर दौड़ेगी लंबी दूरी की ट्रेनें?